जेल जाने से पहले नरेश मीणा का बड़ा बयान, सरेंडर के बाद कोर्ट ने फिर भेजा जेल

एसडीएम थप्पड़कांड मामले में नरेश मीणा ने नगरफोर्ट थाने में सरेंडर किया। कोर्ट ने उन्हें फिर जेल भेज दिया। सुनवाई से पहले उन्होंने धारा 307 को लेकर अपना पक्ष रखा।

जेल जाने से पहले नरेश मीणा का बड़ा बयान, सरेंडर के बाद कोर्ट ने फिर भेजा जेल

एसडीएम थप्पड़कांड मामले में निर्दलीय नेता नरेश मीणा ने गुरुवार को टोंक जिले के नगरफोर्ट थाने में सरेंडर किया। इसके बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच एससी/एसटी कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया। अब उनकी जमानत याचिका पर 10 अगस्त को सुनवाई होगी।

सरेंडर करने से पहले क्या बोले नरेश मीणा?

सरेंडर से पहले मीडिया से बातचीत में नरेश मीणा ने कहा कि उनके खिलाफ हत्या के प्रयास (धारा 307) का मामला गलत तरीके से दर्ज किया गया है। उन्होंने दावा किया कि यदि थप्पड़ मारने की घटना हुई भी है, तो उसमें सामान्य धाराएं लगनी चाहिए थीं। उन्होंने यह भी कहा कि वे तत्कालीन एसडीएम को पहले से नहीं जानते थे और घटना का वीडियो सार्वजनिक है। नरेश मीणा ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट ने धारा 307 के तहत चल रहे ट्रायल पर रोक लगा रखी है। यह उनका पक्ष है।

अपने समर्थकों के साथ पहुंचे नगरफोर्ट

नरेश मीणा गुरुवार सुबह जयपुर से समर्थकों के काफिले के साथ नगरफोर्ट पहुंचे। जयपुर-कोटा हाईवे पर कई स्थानों पर समर्थकों ने उनका स्वागत किया और नारेबाजी की। सरेंडर के बाद उन्हें करीब 20 मिनट तक थाने में रखा गया, फिर कोर्ट में पेश किया गया।

नरेश के पहुंचने से पहले सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम

प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगरफोर्ट, देवली और टोंक में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। कई स्थानों पर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए और धारा 163 लागू की गई।

जानिए अब तक क्या-क्या हुआ?

13 नवंबर 2024 को देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान समरावता गांव में मतदान बहिष्कार के बीच तत्कालीन एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मारने का आरोप नरेश मीणा पर लगा था। अगले दिन उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। करीब नौ महीने बाद राजस्थान हाईकोर्ट से उन्हें सशर्त जमानत मिली। हालांकि जमानत की शर्तों के कथित उल्लंघन के आधार पर एससी/एसटी कोर्ट ने 13 जुलाई 2026 को उनकी जमानत रद्द कर दी। इसी आदेश के अनुपालन में उन्होंने गुरुवार को सरेंडर किया।

आने वाली 10 अगस्त सबसे महत्वपूर्ण? 

अब इस मामले में अगली महत्वपूर्ण तारीख 10 अगस्त है, जब अदालत नरेश मीणा की जमानत याचिका पर सुनवाई करेगी। इस सुनवाई पर सभी की नजर रहेगी कि उन्हें राहत मिलती है या न्यायिक हिरासत जारी रहती है।