झारखंड छात्र आंदोलन में नया मोड़: सरकार से बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तैयार, 14वें दिन भी जारी भूख हड़ताल

Jharkhand Student Protest: रांची में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 14वें दिन भी जारी है। सरकार से बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया गया है।

झारखंड छात्र आंदोलन में नया मोड़: सरकार से बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तैयार, 14वें दिन भी जारी भूख हड़ताल

झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। रांची में चल रहे प्रदर्शन का शुक्रवार को 14वां दिन है। आंदोलन स्थल पर छह छात्र अब भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत की इच्छा जताए जाने के बाद छात्रों ने सरकार के साथ वार्ता के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है।

हालांकि, छात्र नेताओं का कहना है कि उन्हें अब तक सरकार की ओर से बातचीत के लिए औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है। छात्रों का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में बातचीत के लिए तैयार है, तो उसे जल्द से जल्द वार्ता की तारीख और समय तय करना चाहिए।

25 जुलाई से जारी है आंदोलन

छात्रों का यह आंदोलन 25 जुलाई को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुआ था। कुछ ही दिनों में यह राज्य के हाल के प्रमुख छात्र आंदोलनों में शामिल हो गया। प्रदर्शनकारी सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर जवाबदेही तय करने और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।

आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में झारखंड प्रांतीय सिविल सेवा की 14वीं परीक्षा को रद्द करना भी शामिल है। इसके अलावा भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की जा रही है। छात्र चाहते हैं कि जांच सीबीआई या हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की स्वतंत्र समिति के माध्यम से राज्य से बाहर कराई जाए।

छात्र संगठनों ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार की मांग भी उठाई है।

विधानसभा तक पहुंचा आंदोलन

छात्रों के आंदोलन की गूंज झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन भी सुनाई दी। विपक्षी विधायकों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। एनडीए के विधायकों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई।

इससे सरकार पर छात्रों के मुद्दे को लेकर राजनीतिक दबाव भी बढ़ता नजर आ रहा है।

निशिकांत दुबे ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी

मामले में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने भी सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि झारखंड सरकार 13 अगस्त तक पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं करती है, तो वह छात्रों के साथ भूख हड़ताल में शामिल होंगे।

अब बातचीत पर टिकी नजर

मुख्यमंत्री की बातचीत की पेशकश के बाद छात्रों का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तैयार हो चुका है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच औपचारिक वार्ता कब शुरू होती है और क्या बातचीत के जरिए परीक्षा रद्द करने, स्वतंत्र जांच और JPSC-JSSC में सुधार जैसी मांगों पर कोई समाधान निकल पाता है।

फिलहाल रांची में छात्रों का आंदोलन जारी है और छह प्रदर्शनकारियों की भूख हड़ताल के बीच सरकार के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हैं।