“भाटी और मजदूरों के संघर्ष की जीत, दो महीने बाद मानी गईं सभी मांगें”
बाड़मेर के गिरल लिग्नाइट माइंस में करीब दो महीने से चल रहा श्रमिक आंदोलन समाप्त हो गया है। प्रशासन, श्रमिक यूनियन और Rajasthan State Mines and Minerals Limited के बीच हुई वार्ता में सभी प्रमुख मांगों पर सहमति बनी। श्रमिकों ने आंदोलन के समाधान के लिए Ravindra Singh Bhati के प्रयासों की सराहना की।
बाड़मेर। पिछले करीब दो महीनों से जारी गिरल लिग्नाइट माइन्स श्रमिक आंदोलन का शुक्रवार देर शाम सकारात्मक समाधान निकल आया। प्रशासन, श्रमिक यूनियन और राजस्थान स्टेट माइन्स एंड मिनरल्स लिमिटेड (RSMML) के अधिकारियों के बीच लगभग डेढ़ घंटे तक चली महत्वपूर्ण वार्ता के बाद श्रमिकों की सभी मांगों पर सहमति बन गई।
जानकारी के अनुसार, लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत श्रमिकों और ग्रामीणों की ओर से लगातार बातचीत की मांग की जा रही थी। शुक्रवार को आयोजित बैठक में प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और श्रमिक प्रतिनिधियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई। वार्ता के दौरान श्रमिकों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया गया और अंततः सभी मांगों को स्वीकार करने पर सहमति बन गई।

समझौता होने के बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई।इससे क्षेत्र में पिछले कई सप्ताह से बना गतिरोध खत्म हो गया है। श्रमिकों ने इसे अपनी एकता, संघर्ष और धैर्य की जीत बताया, वहीं ग्रामीणों ने भी समाधान का स्वागत किया।
आंदोलन के समाधान के बाद श्रमिकों और ग्रामीणों ने शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि विधायक भाटी ने लगातार श्रमिकों की आवाज को प्रशासन और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का कार्य किया तथा समाधान की दिशा में प्रयासरत रहे।
गिरल क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे इस आंदोलन के समाप्त होने के बाद अब खनन कार्यों के सामान्य रूप से शुरू होने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों का मानना है कि समझौते से न केवल श्रमिकों को राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
Saloni Kushwaha 
