राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव पर बड़ा अपडेट, हाईकोर्ट में आज तय होगी चुनाव की दिशा
राजस्थान हाईकोर्ट में आज पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर अहम सुनवाई होगी। सरकार, राज्य निर्वाचन आयोग और ओबीसी आयोग चुनाव की समयसीमा और आरक्षण प्रक्रिया पर अपना पक्ष रखेंगे।
राजस्थान में लंबे समय से टल रहे पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। राजस्थान हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई में राज्य सरकार, राज्य निर्वाचन आयोग और ओबीसी आयोग चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे। माना जा रहा है कि इस सुनवाई के बाद चुनावों की आगे की रूपरेखा काफी हद तक साफ हो सकती है।
सरकार की ओर से पंचायत और नगर निकाय चुनाव 15 अगस्त से 15 नवंबर के बीच कराने की तैयारी का रोडमैप पेश किए जाने की संभावना है। हालांकि चुनाव की प्रक्रिया ओबीसी सर्वे और आरक्षण निर्धारण पूरा होने के बाद ही आगे बढ़ सकेगी।
चुनाव में देरी को लेकर हाईकोर्ट पहले जता चुका है नाराजगी
स्थानीय निकाय चुनाव में लगातार हो रही देरी पर हाईकोर्ट पहले ही सख्त रुख अपना चुका है। अदालत ने संबंधित विभागों से पूछा था कि आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया कौन पूरी करेगा और तय समय पर आदेशों का पालन नहीं होने पर जिम्मेदारी किसकी होगी।
कोर्ट ने यह भी संकेत दिए थे कि यदि संबंधित एजेंसियां समय पर चुनाव कराने में असफल रहती हैं तो अदालत चुनाव प्रक्रिया पूरी कराने के लिए जरूरी कदम उठा सकती है।
ओबीसी सर्वे और आरक्षण प्रक्रिया पर रहेगी नजर
ओबीसी आयोग की रिपोर्ट आने के बाद आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग को आरक्षित वार्डों की जानकारी मिलने पर चुनाव कार्यक्रम तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
चुनाव कार्यक्रम तय करने में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी और महिला आरक्षण की स्थिति अहम भूमिका निभाएगी।
हाईकोर्ट के पुराने आदेशों पर भी होगी चर्चा
पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर हाईकोर्ट समय-समय पर सरकार और निर्वाचन आयोग को निर्देश देता रहा है। अदालत ने पहले भी समय पर चुनाव कराने की जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी बताई थी।
22 मई 2026 को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिए थे कि ग्राम पंचायतों और नगर निकायों सहित सभी स्थानीय निकायों के चुनाव 31 जुलाई 2026 तक पूरे कराए जाएं।
आज की सुनवाई से तय होगी चुनाव की आगे की राह
अब हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि सरकार और चुनाव से जुड़े आयोग किस समयसीमा के तहत चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे। प्रदेश की नजरें इस सुनवाई पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इससे लाखों लोगों से जुड़े स्थानीय निकाय चुनाव की तस्वीर साफ हो सकती है।

