संसद चलो’ मार्च को लेकर दिल्ली में अलर्ट, छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस सख्त; बिना अनुमति मार्च पर होगी कार्रवाई

दिल्ली में CJP और छात्र संगठनों के ‘संसद चलो’ मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने सख्त चेतावनी जारी की है। बिना अनुमति मार्च पर कार्रवाई होगी। जानें BNSS की धारा 163 के तहत क्या हैं नियम।

संसद चलो’ मार्च को लेकर दिल्ली में अलर्ट, छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस सख्त; बिना अनुमति मार्च पर होगी कार्रवाई
Abhijit Dipke

राजधानी दिल्ली में परीक्षा व्यवस्था और कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज होने के संकेत हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और प्रदर्शनकारी छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर ‘संसद चलो’ मार्च निकालने का ऐलान किया है। प्रदर्शनकारी परीक्षाओं में धांधली के आरोपों की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

प्रस्तावित मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संसद की ओर जाने वाले इस मार्च के लिए आयोजकों को कोई आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद यदि कोई समूह बिना अनुमति के जुलूस निकालने या संसद की तरफ बढ़ने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

संसद सत्र के बीच सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, संसद सत्र के दौरान नई दिल्ली क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। संसद भवन और आसपास के इलाकों में किसी भी तरह के अनधिकृत प्रदर्शन को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

पुलिस ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है। यह प्रावधान पहले भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 के रूप में जाना जाता था।

धारा 163 के तहत क्या हैं प्रतिबंध?

धारा 163 लागू होने के बाद किसी भी स्थान पर बिना अनुमति के भीड़ जुटाना, जुलूस निकालना या प्रदर्शन करना प्रतिबंधित हो सकता है। प्रशासन इस प्रावधान का इस्तेमाल संभावित तनाव या कानून व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए करता है।

दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी ऐसे कार्यक्रम में शामिल न हों, जिसकी अनुमति प्रशासन की ओर से नहीं दी गई है।

पुलिस ने जारी की सख्त चेतावनी

पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि बिना अनुमति के संसद की ओर बढ़ने वाले किसी भी मार्च को नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस का कहना है कि आम लोगों की सुरक्षा और संसद की कार्यवाही को सुचारू बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।

प्रदर्शनकारियों की क्या हैं मांगें?

प्रदर्शनकारी छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था में खामियों के कारण छात्रों के भविष्य पर असर पड़ रहा है।

छात्र संगठनों का कहना है कि वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराना चाहते हैं।

अब सबकी नजर मार्च पर

फिलहाल दिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया है कि बिना अनुमति किसी भी तरह का मार्च स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि प्रदर्शनकारी संगठन आगे क्या कदम उठाते हैं और प्रशासन इस स्थिति से कैसे निपटता है।