ड्यूटी से घर लौट रहे कांस्टेबल की मौत, 5 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि; 7 महीने की गर्भवती पत्नी पर टूटा दुखों का पहाड़

किशनगढ़ में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले कांस्टेबल शंकरलाल टेपन को राजकीय सम्मान से विदाई। 5 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, पत्नी 7 महीने की गर्भवती।

ड्यूटी से घर लौट रहे कांस्टेबल की मौत, 5 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि; 7 महीने की गर्भवती पत्नी पर टूटा दुखों का पहाड़

राजस्थान के किशनगढ़ में कांस्टेबल शंकरलाल टेपन की अंतिम विदाई ने हर किसी को भावुक कर दिया। ड्यूटी से घर लौटते समय सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई थी। बुधवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। पांच साल के बेटे ऋषि ने पिता को मुखाग्नि दी। शंकरलाल की पत्नी सात महीने की गर्भवती हैं। परिवार पर आई इस अचानक मुसीबत से गांव में शोक का माहौल है।

 VIP ड्यूटी के बाद घर लौटते समय हादसा

जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात रावण दहन कार्यक्रम में VIP ड्यूटी पूरी करने के बाद कांस्टेबल शंकरलाल बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान NH-29 पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की खबर मिलते ही परिवार और गांव में शोक छा गया। पुलिस ने ट्रक चालक को जल्द गिरफ्तार करने की बात कही है।

 पिता को विदाई देते बेटे को देख नम हुईं आंखें

बुधवार को शंकरलाल को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। पांच साल के बेटे ऋषि ने पिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए। अंतिम संस्कार में किशनगढ़ विधायक डॉ. विकास चौधरी, गुलाबपुरा के डिप्टी एसपी सतीश मीणा सहित पुलिस अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

शंकरलाल के पिता कानाराम टेपन भी पुलिस विभाग में ASI के पद पर तैनात हैं। परिवार के लिए यह क्षति बेहद कठिन समय लेकर आई है।

गर्भवती पत्नी और परिवार के सामने बड़ी चुनौती

शंकरलाल की पत्नी सात महीने की गर्भवती हैं। उनके परिवार में पांच साल का बेटा है और अब परिवार को इस दुखद घटना के बाद आगे की जिंदगी की चुनौतियों का सामना करना होगा।

ड्यूटी के बाद घर लौटते समय हुए हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। गांव के लोगों और पुलिसकर्मियों ने शंकरलाल को श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति संवेदना जताई।

परिवार को मिल सकती है नियमानुसार सहायता

रिपोर्ट के मुताबिक, ड्यूटी से जुड़े इस हादसे के बाद परिवार को पुलिस नियमों के तहत मिलने वाली सहायता का लाभ दिया जा सकता है। इसमें पात्रता के अनुसार पेंशन, आर्थिक सहायता और अनुकंपा नियुक्ति जैसे प्रावधान शामिल हो सकते हैं। संबंधित लाभों की पुष्टि विभागीय नियमों और प्रक्रिया के अनुसार होगी।