गर्मी की छुट्टियों के बाद, स्कूल खुलने से पहले राजस्थान सरकार का बड़ा आदेश: नए नियम लागू

राजस्थान में भीषण गर्मी को देखते हुए भजनलाल सरकार ने स्कूलों की छुट्टियां 29 जून तक बढ़ा दी हैं। साथ ही जर्जर भवनों में कक्षाएं नहीं लगाने और स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त अवकाश देने के निर्देश जारी किए गए हैं।

गर्मी की छुट्टियों के बाद, स्कूल खुलने से पहले राजस्थान सरकार का बड़ा आदेश: नए नियम लागू

राजस्थान में गर्मी को देखते हुए पहले यह आदेश दिया गया था कि सभी सरकारी और निजी स्कूल 20 या 22 जून से खुलेंगे, लेकिन बढ़ती हुई गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए, भजनलाल सरकार ने इसे 29 जून तक बढ़ा दिया। यह फैसला विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को देखते हुए लिया गया है, ताकि उन्हें गर्मी से सुरक्षित रखा जा सके।

अतिरिक्त अवकाश का अधिकार स्कूल प्रबंधन को

शिक्षा विभाग ने विद्यालयों के संस्था प्रधानों को एक नया अधिकार दिया है। यदि किसी क्षेत्र में अत्यधिक गर्मी, लू या अन्य प्रतिकूल परिस्थितियां बनी रहती हैं, तो वे अपने स्तर पर दो दिन का अतिरिक्त अवकाश घोषित कर सकते हैं। यह कदम स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार लचीलापन प्रदान करेगा और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

जर्जर भवनों में कक्षाएं नहीं

मानसून से पहले स्कूलों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि किसी भी जर्जर या असुरक्षित भवन में बच्चों को पढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। यदि सुरक्षित कमरे उपलब्ध नहीं हैं, तो पेड़ों की छाया में पढ़ाई की व्यवस्था की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि मानसून से पहले सभी स्कूल सुरक्षित रहें।

स्कूल परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था

स्कूल खुलने से पहले, सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में सुरक्षा उपायों की जांच अनिवार्य कर दी गई है। अधिकारियों को साफ-सफाई, बिजली व्यवस्था, जल निकासी और मानसून पूर्व अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इन सभी निर्देशों का पालन होना अनिवार्य है, ताकि बच्चों को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिले।

बच्चों की सुरक्षा: सरकार का सबसे बड़ा वादा

भजनलाल सरकार का यह कदम स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखने के लिए है। गर्मी, लू और मानसून जैसी मुश्किल परिस्थितियों के बीच सरकार ने जो नए निर्देश जारी किए हैं, उनका पालन हर स्कूल, हर शिक्षक और हर अभिभावक की जिम्मेदारी होगी। आने वाले दिनों में इन बदलावों का असर क्या होगा, यह समय बताएगा, लेकिन बच्चों की सुरक्षा अब सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है।