रिफाइनरी उद्घाटन से वसुंधरा राजे की दूरी के क्या हैं मायने? जानिए INSIDE STORY

पचपदरा रिफाइनरी के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के शीर्ष नेता मौजूद रहे, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बन गई। आखिर इस अनुपस्थिति के क्या राजनीतिक मायने हैं, जानिए इस खास रिपोर्ट में।

रिफाइनरी उद्घाटन से वसुंधरा राजे की दूरी के क्या हैं मायने? जानिए INSIDE STORY

राजस्थान की राजनीति में विकास की हर बड़ी परियोजना सिर्फ विकास की कहानी नहीं लिखती, बल्कि कई बार अपने पीछे राजनीति के नए अध्याय भी छोड़ जाती है। पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन भी कुछ ऐसा ही मौका बन गया। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान की इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को राष्ट्र को समर्पित किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के तमाम बड़े नेता इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने। मंच सजा, भाषण हुए, विकास के दावे हुए और करोड़ों रुपये की इस परियोजना का लोकार्पण भी हो गया।

यही वो परियोजना है, जिसने पिछले एक दशक में कई राजनीतिक उतार-चढ़ाव देखे। 2013 में इसका शिलान्यास हुआ, लेकिन इसके बाद लंबे समय तक काम उम्मीद के मुताबिक आगे नहीं बढ़ पाया। फिर साल 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी परियोजना को नई रफ्तार देने का संदेश दिया। उस समय इसे राजस्थान के औद्योगिक भविष्य की सबसे बड़ी उम्मीद बताया गया था।

आज जब वही परियोजना पूरी होकर देश को समर्पित हुई, तब उस दौर की मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मौजूद नहीं थीं। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में इस गैरमौजूदगी को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। आखिर जिस नेता का नाम इस परियोजना के सफर के साथ वर्षों तक जुड़ा रहा, वह उद्घाटन के मौके पर क्यों नहीं दिखीं?

हालांकि उनकी अनुपस्थिति को लेकर कोई आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है और इसे लेकर किसी तरह की पुष्टि भी नहीं की गई है। लेकिन राजनीति में अक्सर मौजूदगी जितनी मायने रखती है, उतनी ही गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय बन जाती है। यही कारण है कि पचपदरा का यह मंच अब सिर्फ विकास की वजह से नहीं, बल्कि राजनीतिक हलकों में उठ रहे सवालों की वजह से भी सुर्खियों में है।

आखिर क्या यह सिर्फ संयोग था, कोई निजी कारण था, या फिर राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में इसके अलग मायने निकाले जा रहे हैं? इन्हीं सवालों और इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम को समझने के लिए देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट।