रिफाइनरी पर सियासत तेज:‘80.8% काम पहले ही पूरा था’, गहलोत ने BJP सरकार पर साधा निशाना

पचपदरा रिफाइनरी के उद्घाटन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर पलटवार किया।

रिफाइनरी पर सियासत तेज:‘80.8% काम पहले ही पूरा था’, गहलोत ने BJP सरकार पर साधा निशाना
Sonia Gandhi and ashok gehlot

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पचपदरा रिफाइनरी के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर तीखा पलटवार किया है। गहलोत ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री को गलत जानकारी देकर गुमराह किया गया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि संसद में केंद्र सरकार खुद स्वीकार कर चुकी है कि जुलाई 2024 तक रिफाइनरी का 80.8% काम पूरा हो चुका था।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर लंबी पोस्ट साझा करते हुए कहा कि 1 अगस्त 2024 को लोकसभा में केंद्र सरकार ने लिखित जवाब में स्वीकार किया था कि 15 जुलाई 2024 तक बाड़मेर रिफाइनरी का 80.8 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका था। उन्होंने कहा कि उस समय राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी और दिसंबर 2023 तक परियोजना पर तेजी से काम चल रहा था।

गहलोत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि “ढाई साल में बारिश से टूटी सड़कों की मरम्मत तक नहीं कर पाने वाली राजस्थान सरकार आखिर कौन-सा जादू करके छह महीने में 80 प्रतिशत रिफाइनरी बना सकती है?”

उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने संसद में मार्च 2025 तक परियोजना पूरी करने का वादा किया था, लेकिन वास्तविक उद्घाटन उससे भी करीब सवा साल बाद हुआ। उनके अनुसार, इससे साफ है कि ‘डबल इंजन’ सरकार में भी परियोजना की रफ्तार अपेक्षा से धीमी रही।

अशोक गहलोत ने अपनी सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी, लॉकडाउन और श्रमिकों की भारी कमी जैसी परिस्थितियों के बावजूद रिफाइनरी का काम एक दिन के लिए भी बंद नहीं होने दिया गया।

उन्होंने प्रधानमंत्री के उस बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें परियोजना का काम लंबे समय तक ठप रहने की बात कही गई थी। गहलोत ने कहा कि यह बयान हजारों श्रमिकों, इंजीनियरों और अधिकारियों की दिन-रात की मेहनत का अपमान है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी परियोजना को आगे बढ़ाया।

अपने बयान के अंत में गहलोत ने आरोप लगाया कि राजनीतिक श्रेय लेने की होड़ में सरकारी मंचों का इस्तेमाल गलत दावे करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को गलत जानकारी देकर ऐसा बयान दिलवाना दुर्भाग्यपूर्ण और हास्यास्पद है। साथ ही उन्होंने लिखा, “जनता सब देख रही है।”