थार के तपते धोरों पर 'सिंघम' और 'एक्शन लेडी' की जुगलबंदी, प्रशासनिक सुस्ती पर कड़ा प्रहार

बाड़मेर में 48 डिग्री गर्मी के बीच कलेक्टर चिन्मयी गोपाल और एसपी चूनाराम जाट लगातार फील्ड में सक्रिय हैं। सफाई, पानी, सुरक्षा और तस्करी पर कार्रवाई से जनता में बढ़ा भरोसा।

थार के तपते धोरों पर 'सिंघम' और 'एक्शन लेडी' की जुगलबंदी, प्रशासनिक सुस्ती पर कड़ा प्रहार

सरहदी जिले बाड़मेर में मई और जून के महीनों में सूरज आग उगल रहा है। जब पारा 48 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाता है और आम नागरिकों के लिए दोपहर में घरों से बाहर कदम रखना भी दूभर हो जाता है, तब जिले के शीर्ष अधिकारी सड़कों पर पसीना बहाते नजर आ रहे हैं। हाल ही में बाड़मेर की कमान संभालने वाली जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल (IAS) और पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट (IPS) की प्रशासनिक जोड़ी ने अपने दफ्तरों को छोड़कर फील्ड में मोर्चा संभाल लिया है। त्वरित निर्णय क्षमता और बेबाक अंदाज के कारण इस जोड़ी के काम करने का तरीका पूरे मारवाड़ क्षेत्र में चर्चा और तारीफ का विषय बना हुआ है। बाड़मेर की नई प्रशासनिक टीम 'एक्शन मोड' में नजर आ रही है। दोनों अधिकारियों ने अपने-अपने महकमों में काम करने के पारंपरिक ढर्रे को पूरी तरह बदल दिया है। दोनों ही अधिकारियों का जनता के बीच सीधा संवाद जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। 

भीषण गर्मी में कलेक्टर चिन्मयी गोपाल का 'ग्राउंड रियलिटी चेक' -

2014 बैच की तेजतर्रार आईएएस अधिकारी चिन्मयी गोपाल फाइलों को दबाने के बजाय मौके पर जाकर निस्तारण करने में विश्वास रखती हैं। बाड़मेर की भीषण गर्मी के बीच उनके द्वारा किए गए बड़े नीतिगत फैसले और औचक निरीक्षण इस प्रकार हैं। 

सड़कों पर उतरकर सफाई का जायजा : इस सीजन के सबसे गर्म दिनों में से एक, जब धूप सबसे तेज थी, कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने नगर परिषद और उपखंड स्तर के अधिकारियों को साथ लिया और खुद मुख्य सड़कों पर पैदल मार्च किया। उन्होंने इंदिरा नगर और इंदिरा कॉलोनी जैसी घनी आबादी वाली बस्तियों का दौरा कर सफाई तथा नालियों की स्थिति का खुद जायजा लिया। 

महावीर पार्क का जीर्णोद्धार : शहर के प्रमुख महावीर पार्क के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पार्क की बदहाली पर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने बच्चों के मनोरंजन के लिए बरसों से बंद पड़ी 'टॉय ट्रेन', ओपन जिम के उपकरण और फव्वारों (फाउंटेन) को तुरंत चालू करने तथा पार्क का कायाकल्प करने के सख्त निर्देश दिए।

भीषण पेयजल संकट पर त्वरित एक्शन: बाड़मेर में गहराए पानी के संकट को देखते हुए कलेक्टर ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अमले के साथ जल जीवन मिशन (JJM) की समीक्षा की। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि जिन सुदूर बस्तियों और ढाणियों में पानी नहीं पहुंच रहा है, वहां पुराने जल स्रोतों की तुरंत मरम्मत की जाए और आपातकालीन टैंकरों के जरिए जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि आमजन और मवेशियों को राहत मिल सके।

एसपी चूनाराम जाट : वीआईपी कल्चर को छोड़ रात को साइकिल पर निकले कप्तान -

बाड़मेर के नए पुलिस कप्तान चूनाराम जाट (IPS) ने पद संभालते ही अपनी प्राथमिकताओं में नशामुक्ति और पुलिस के प्रति जनता में विश्वास बढ़ाने को रखा था। उनकी कार्यशैली का अनूठा उदाहरण हाल ही में देखने को मिला।

साइकिल से रात का गश्त: सुरक्षा व्यवस्था को बारीकी से परखने के लिए एसपी चूनाराम जाट अपनी सरकारी लग्जरी गाड़ी और सुरक्षा काफिले को छोड़कर अचानक साइकिल पर सवार हो गए। उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और कोतवाली थाना प्रभारी के साथ रात के समय शहर की तंग गलियों और अंदरूनी इलाकों में लगभग 5 किलोमीटर तक साइकिल चलाकर सुरक्षा इंतजाम और यातायात व्यवस्था को परखा। 

इनामी अपराधियों और तस्करों पर स्ट्राइक: सीमावर्ती जिला होने के कारण मादक पदार्थों की तस्करी बाड़मेर के लिए बड़ी चुनौती रही है। एसपी के कड़े रुख के कारण जिला स्पेशल टीम (DST) लगातार सक्रिय है। हाल ही में बायतु पुलिस थाना क्षेत्र में करीब 18 महीनों से फरार चल रहे और 6 क्विंटल से अधिक डोडा पोस्त तस्करी के मामले में नामजद 20,000 के इनामी अपराधी चेनाराम को दस्तयाब कर पुलिस ने तस्करों को सख्त संदेश दिया है। 

लापरवाह ठेकेदारों और अधिकारियों में हड़कंप -

इस नई जोड़ी की कार्यशैली का असर यह है कि पूरे जिले में बिजली और पानी से जुड़ी अव्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। हाल ही में हुए विभिन्न निरीक्षणों में सामने आया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी कई ग्रिड सब-स्टेशन पर कुशल तकनीकी कार्मिक तैनात नहीं थे और सुरक्षा उपकरणों की भारी कमी थी। कलेक्टर और एसपी के 'एक्शन मोड' को देखते हुए अब संबंधित विभागों के ठेकेदारों और अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है, जिससे काम के ढर्रे में पारदर्शिता आ रही है। 

जनता की राय: "एसी रूम छोड़कर फील्ड में आए अफसर" -

बाड़मेर की स्थानीय जनता और सोशल मीडिया पर लोग इस बात से बेहद खुश हैं कि वर्षों बाद जिला स्तर के दोनों मुखिया सुबह से लेकर देर रात तक जनता की समस्याओं को सुनने और व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए खुद धूप और गर्मी का सामना कर रहे हैं। इस सामूहिक तालमेल ने न केवल आम नागरिकों में प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ाया है, बल्कि सरकारी तंत्र की कार्यक्षमता को भी तेज कर दिया है

जनता में बढ़ा भरोसा, मजबूत हुआ आपसी तालमेल -

बाड़मेर की स्थानीय जनता इस प्रशासनिक जुगलबंदी को बेहद सकारात्मक मान रही है। आम लोगों का कहना है कि जब जिला स्तर के दोनों सर्वोच्च अधिकारी स्वयं फील्ड में रहकर कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की निगरानी कर रहे हैं, तो निचले स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली में भी बड़ा सुधार देखने को मिल रहा है

नई प्रशासनिक जोड़ी की हर तरफ तारीफ -

बाड़मेर की स्थानीय जनता और सोशल मीडिया मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस नई प्रशासनिक जोड़ी की काफी तारीफ हो रही है। जब भी जिले में कोई संवेदनशील मामला या कानून-व्यवस्था की स्थिति बनती है, तो कलेक्टर चिन्मयी गोपाल और एसपी चूनाराम जाट दोनों तुरंत एक साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालते हैं, जिससे प्रशासनिक तंत्र में आमजन का भरोसा और मजबूत हुआ है।