Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, रिकॉर्ड स्तर से फिसले भाव; खरीदारी का सुनहरा मौका?
25 जून 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। जानिए 24 कैरेट, 22 कैरेट सोने और चांदी के ताजा भाव, गिरावट की वजह और निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत।
25 जून को भारतीय सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। लगातार कई दिनों की तेजी के बाद दोनों कीमती धातुओं में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसके चलते सोना और चांदी अपने हालिया रिकॉर्ड स्तर से नीचे आ गए हैं।
बाजार में आई इस गिरावट से खरीदारों को राहत मिली है, जबकि निवेशकों की नजर अब वैश्विक घटनाक्रम और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीतियों पर टिकी हुई है।
आज कितना सस्ता हुआ सोना?
आज 24 कैरेट सोने की कीमत 1,43,010 रुपये से 1,44,330 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच कारोबार कर रही है। वहीं 22 कैरेट सोना 1,30,997 रुपये से 1,32,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में बना हुआ है।
18 कैरेट गोल्ड की कीमत भी नरम हुई है और यह 1,07,260 रुपये से 1,08,390 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार सोने में करीब 1,450 से 1,900 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई है।
चांदी भी हुई सस्ती
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली। आज चांदी 2.22 लाख रुपये से 2.27 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है।
वहीं खुदरा बाजार में 10 ग्राम चांदी की कीमत 2,450 से 2,550 रुपये और 100 ग्राम चांदी की कीमत 24,500 से 25,500 रुपये के बीच बनी हुई है। एक किलो चांदी का भाव 2.45 लाख रुपये से 2.55 लाख रुपये के दायरे में है।
क्यों टूटीं सोने-चांदी की कीमतें?
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच हुए अस्थायी समझौते के बाद वैश्विक तनाव में कमी आई है। इससे निवेशकों का सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में सोने की ओर रुझान घटा है।
इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने महंगाई पर नियंत्रण के लिए साल के अंत तक ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट तक बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं। ब्याज दरें बढ़ने की संभावना से निवेशक सोने-चांदी से पैसा निकालकर बॉन्ड और अन्य निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
डॉलर की मजबूती भी बनी वजह
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट की एक बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर इंडेक्स का मजबूत होना भी माना जा रहा है। डॉलर मजबूत होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना महंगा हो जाता है, जिससे मांग प्रभावित होती है और कीमतों पर दबाव बढ़ता है।
क्या खरीदारी का सही समय है?
बाजार जानकारों का मानना है कि कीमतों में आई यह गिरावट लंबे समय के निवेशकों और ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए अच्छा अवसर साबित हो सकती है। हालांकि निवेश से पहले बाजार की चाल और वैश्विक परिस्थितियों पर नजर रखना जरूरी है।

