जयपुर में 2200 करोड़ की सरकारी जमीन पर चला बुलडोजर, दूसरे दिन भी जारी रही कार्रवाई
Rajasthan Housing Board ने जयपुर में करीब 2200 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए लगातार दूसरे दिन बुलडोजर कार्रवाई की। B2 बाइपास और Dravyavati River के बीच स्थित 42 बीघा जमीन पर बने अवैध निर्माण तोड़े गए।
राजस्थान की राजधानी Jaipur में करीब 2200 करोड़ रुपए कीमत की सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ राजस्थान हाउसिंग बोर्ड की बड़ी कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। बीटू बाइपास और Dravyavati River के बीच स्थित करीब 42 बीघा जमीन को खाली कराने के लिए रविवार को भी बुलडोजर चलाया गया।
2 दर्जन से ज्यादा निर्माण तोड़े गए
हाउसिंग बोर्ड की टीम भारी पुलिस जाब्ते और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान अवैध कब्जों पर बने कई बाउंड्री वॉल, कच्चे-पक्के मकान और शोरूम तोड़े गए। अधिकारियों के मुताबिक, रविवार को 2 दर्जन से ज्यादा निर्माण ध्वस्त किए गए, जबकि एक दिन पहले तोड़े गए निर्माणों के मलबे को हटाकर जमीन समतल करने का काम भी किया गया।
16 जेसीबी मशीनों से चला अभियान
अतिक्रमण हटाने की इस बड़ी कार्रवाई में 16 जेसीबी मशीनें लगाई गईं। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बने। हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी लगातार मौके पर निगरानी करते रहे।
कार्रवाई के बाद खाली कराई गई जमीन पर बोर्ड प्रशासन ने अपने कब्जे के साइन बोर्ड भी लगा दिए हैं।
श्रीराम कॉलोनी में लंबे समय से था अवैध कब्जे का आरोप
हाउसिंग बोर्ड ने यह कार्रवाई श्रीराम कॉलोनी इलाके में की। बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि इस सरकारी जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जे थे। आरोप है कि भूमाफियाओं ने यहां अवैध रूप से कॉलोनी बसाकर प्लॉट बेचे थे।
अधिकारियों के अनुसार, कई रसूखदार लोगों को भी बेहद कम कीमत पर भूखंड बेच दिए गए थे। अब कोर्ट के आदेश के बाद बोर्ड प्रशासन ने दोबारा जमीन पर कब्जा लेने की कार्रवाई शुरू की है।
पहले विरोध के चलते रोकनी पड़ी थी कार्रवाई
इससे पहले 16 अप्रैल को भी हाउसिंग बोर्ड ने कब्जा हटाने की कोशिश की थी, लेकिन स्थानीय विरोध और ऊपरी स्तर पर हस्तक्षेप के चलते अभियान रोकना पड़ा था।
बाद में कॉलोनी के कुछ लोग Rajasthan High Court पहुंचे, जहां उन्हें शुरुआती राहत के तौर पर स्टे मिला था। हालांकि हाल ही में हाईकोर्ट ने दोबारा सुनवाई के दौरान स्टे खारिज कर दिया और हाउसिंग बोर्ड को जमीन पर कब्जा लेने की अनुमति दे दी। कोर्ट के आदेश के बाद अब बोर्ड प्रशासन दोबारा कार्रवाई कर रहा है
Saloni Kushwaha 
