जयपुर में अतिक्रमण हटाने के दौरान बवाल, पथराव के चलते कार्रवाई रोकनी पड़ी
Jaipur में द्रव्यवती नदी से बीटू बाइपास तक 42 बीघा जमीन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान विरोध। Rajasthan Housing Board की टीम पर पथराव, हालात तनावपूर्ण।
Jaipur में गुरुवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई उस वक्त विवादों में घिर गई, जब स्थानीय लोगों ने प्रशासन की टीम का विरोध शुरू कर दिया। यह कार्रवाई बीटू बाइपास से द्रव्यवती नदी तक फैली करीब 42 बीघा जमीन पर की जा रही थी, जिसकी कीमत 2200 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद हाउसिंग बोर्ड की टीम मौके पर पहुंची और अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
जेसीबी पहुंचते ही बढ़ा तनाव
उप-आवासन आयुक्त संजय शर्मा के नेतृत्व में पहुंची टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से बाउंड्री वॉल और अस्थायी ढांचों को तोड़ना शुरू किया। जैसे ही कार्रवाई आगे बढ़ी, वहां रह रहे लोगों ने विरोध जताना शुरू कर दिया और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
महिलाओं के पथराव से बिगड़े हालात
स्थिति तब और बिगड़ गई जब कुछ महिलाओं ने जेसीबी मशीनों पर पत्थर फेंक दिए। अचानक हुए पथराव के कारण प्रशासन को सुरक्षा के मद्देनजर कुछ समय के लिए कार्रवाई रोकनी पड़ी। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
फर्जी दस्तावेजों से बसाई गई कॉलोनी का आरोप
जानकारी के अनुसार, यह जमीन हाउसिंग बोर्ड द्वारा 1989 में अधिग्रहित की गई थी और 1991 में इसकी प्रक्रिया पूरी हो गई थी। हालांकि लंबे समय तक कब्जा नहीं लिया जा सका। इसी दौरान कथित तौर पर भू-माफियाओं ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए यहां कॉलोनी विकसित कर दी और प्लॉट बेच दिए।
जांच एजेंसियां पहले से कर रही हैं पड़ताल
बताया जा रहा है कि साल 2019 में कॉलोनी को नियमित करने का प्रस्ताव सामने आया था, लेकिन हाउसिंग बोर्ड ने एनओसी देने से इनकार कर दिया। इसके बाद मामला दर्ज कर जांच एसीबी को सौंप दी गई थी।
फिलहाल प्रशासन की सख्ती और स्थानीय विरोध के बीच यह कार्रवाई शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
Saloni Kushwaha 
