Rajasthan Congress: निकाय-पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, 50 से ज्यादा पदाधिकारियों की हो सकती है छुट्टी
राजस्थान कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल संभव। निकाय और पंचायत चुनावों से पहले 50 से अधिक निष्क्रिय पदाधिकारियों की छुट्टी की तैयारी, नई कार्यकारिणी पर जल्द फैसला हो सकता है।
राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की कवायद तेज हो गई है। पार्टी आलाकमान ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को संगठन को सक्रिय और चुनावी मोड में लाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी का गठन किया जा सकता है, जिसमें 50 से अधिक निष्क्रिय पदाधिकारियों की छुट्टी होने की संभावना है।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने प्रदेश नेतृत्व को साफ संदेश दिया है कि स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के लिए संगठन को मजबूत और सक्रिय बनाना जरूरी है। इसी के तहत लंबे समय से निष्क्रिय पदाधिकारियों को हटाकर नई टीम तैयार करने की योजना बनाई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस में करीब 42 प्रदेश सचिवों, 14 महासचिवों और 4 उपाध्यक्षों को बदला जा सकता है। पार्टी ऐसे नेताओं को संगठन में जगह देना चाहती है, जो चुनावी मैदान में सक्रिय भूमिका निभा सकें और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करें।
कांग्रेस 'एक व्यक्ति-एक पद' के सिद्धांत को भी सख्ती से लागू करने की तैयारी में है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के 11 सदस्य पहले ही जिला अध्यक्ष बनाए जा चुके हैं। ऐसे नेताओं को प्रदेश संगठन की जिम्मेदारियों से मुक्त कर नई नियुक्तियां की जा सकती हैं।
राजस्थान में 309 शहरी निकायों और करीब 11,300 ग्राम पंचायतों के चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में कांग्रेस संगठन में होने वाला यह फेरबदल चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी का मानना है कि नई और जवाबदेह टीम के जरिए चुनावी तैयारियों को गति दी जा सकती है।
यदि नई कार्यकारिणी की घोषणा जल्द होती है, तो यह संकेत होगा कि कांग्रेस स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों से पहले संगठन को पूरी तरह रीसेट कर चुनावी मुकाबले के लिए तैयार करना चाहती है। ऐसे में प्रदेश कांग्रेस के इस संभावित फेरबदल पर राजनीतिक गलियारों की नजरें टिकी हुई हैं।

