सीमावर्ती शिव के संचार-विहीन गांवों में लगेंगे मोबाइल टावर! विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने केंद्रीय मंत्री से की बड़ी मांग
राजस्थान के शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर 4G सैचुरेशन योजना के तहत बाड़मेर के सीमावर्ती गांवों और ढाणियों में मोबाइल टावर लगाने की मांग की है, ताकि डिजिटल कनेक्टिविटी और संचार व्यवस्था मजबूत हो सके।
सीमावर्ती शिव विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ गांवों और ढाणियों को मोबाइल नेटवर्क से जोड़ने की मांग तेज हो गई है। शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर 4G सैचुरेशन योजना (डिजिटल भारत निधि योजना) के तहत क्षेत्र के संचार-विहीन एवं कमजोर नेटवर्क वाले गांवों में मोबाइल टावर स्थापित करवाने की मांग की है।
विधायक भाटी ने अपने पत्र में कहा कि बाड़मेर जिले का शिव विधानसभा क्षेत्र भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटा हुआ एक विशाल, दुर्गम और संवेदनशील इलाका है। यहां के अनेक गांव, राजस्व गांव और दूरस्थ ढाणियां आज भी मोबाइल नेटवर्क और दूरसंचार सुविधाओं से पूरी तरह या आंशिक रूप से वंचित हैं। इसका सीधा असर आमजन के दैनिक जीवन पर पड़ रहा है। लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन सरकारी सेवाओं और आपातकालीन परिस्थितियों में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की डिजिटल भारत निधि (Digital Bharat Nidhi) के तहत संचालित 4G सैचुरेशन योजना देश के संचार-विहीन गांवों तक मोबाइल कनेक्टिविटी पहुंचाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। विशेष रूप से सीमावर्ती, दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए यह योजना बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। ऐसे में शिव विधानसभा के नेटवर्क विहीन गांवों को इस योजना में प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाना चाहिए।

विधायक ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि शिव विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में या तो मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध ही नहीं है या फिर नेटवर्क इतना कमजोर है कि लोग ई-गवर्नेंस, टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल बैंकिंग और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से नहीं उठा पा रहे हैं। इससे डिजिटल इंडिया के उद्देश्य को भी नुकसान पहुंच रहा है।
भाटी ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि गडरारोड़, रामसर और चौहटन पंचायत समितियों के अंतर्गत आने वाले संचार-विहीन गांवों और ढाणियों को 4G सैचुरेशन योजना में प्राथमिकता के साथ शामिल कर वहां मोबाइल टावर स्थापित करवाए जाएं।
उन्होंने जिन क्षेत्रों में मोबाइल टावर लगाने की मांग की है, उनमें कुबड़िया, उगेरी, गंगापुरा, सेहला, साधों की बस्ती, रोहीड़ाला राठौड़ान, सांखली, बंधड़ा, कुंडल, पुंजराज का पार, केलनली, मुंगियासर, बचिया, केसर सिंह का पार, मोडरड़ी, डाभड़, कमाल की बस्ती, रूपागर, पिपरली, पत्ते का पार, लांबड़ा, खडीन, खबडाला, शहदाद का पार, द्रामा, द्राभा, मायाणी, समे का तला, रामसर क्षेत्र की हालेपोतरो की बस्ती, डऊकियों की ढाणी तथा चौहटन क्षेत्र के दर्जियों का तला-धारासर, बांकाणा नाड़ी और कुम्हारों की ढाणी-जैसार सहित कई गांव और बस्तियां शामिल हैं।

विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मजबूत दूरसंचार व्यवस्था केवल सुविधा का विषय नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा, प्रशासनिक दक्षता और आपदा प्रबंधन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। बेहतर मोबाइल नेटवर्क से सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को न केवल डिजिटल सेवाओं का लाभ मिलेगा, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित संचार भी संभव हो सकेगा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार उनकी मांग पर सकारात्मक विचार करते हुए शिव विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ गांवों और ढाणियों को जल्द से जल्द मोबाइल कनेक्टिविटी से जोड़ेगी। इससे हजारों ग्रामीणों को डिजिटल सुविधाओं का सीधा लाभ मिलेगा और सीमावर्ती क्षेत्र में संचार व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत हो सकेगी।

