30 की उम्र में भारतीय क्रिकेटर का संन्यास, RCB को दिलाया था खिताब
भारतीय महिला क्रिकेटर सब्बीनेनी मेघना ने 30 साल की उम्र में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लिया। वह 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स की रजत पदक विजेता टीम और RCB की WPL खिताबी टीम का हिस्सा थीं।
भारतीय महिला क्रिकेट से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। टीम इंडिया की पूर्व खिलाड़ी सब्बीनेनी मेघना ने महज 30 साल की उम्र में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। मेघना 2022 में कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थीं। इसके अलावा वह महिला प्रीमियर लीग (WPL) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लिए भी खेल चुकी हैं।
भारत के लिए खेले 20 अंतरराष्ट्रीय मैच
आंध्र प्रदेश की रहने वाली सब्बीनेनी मेघना ने साल 2016 से 2022 के बीच भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होंने 3 वनडे और 17 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। वनडे क्रिकेट में मेघना ने एक अर्धशतक की मदद से 114 रन बनाए, जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उनके बल्ले से एक अर्धशतक सहित 258 रन निकले।
मेघना को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोबारा लंबे समय तक मौका नहीं मिला। अब उन्होंने खिलाड़ी के तौर पर क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने का फैसला किया है।
RCB की खिताबी टीम का भी रहीं हिस्सा
मेघना महिला प्रीमियर लीग में भी अपनी प्रतिभा दिखा चुकी हैं। वह 2024 में WPL का खिताब जीतने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम में शामिल थीं। इसके अलावा उन्होंने गुजरात जायंट्स के लिए भी क्रिकेट खेला।
भावुक पोस्ट के साथ कहा- क्रिकेट हमेशा दिल में रहेगा
संन्यास की घोषणा करते हुए मेघना ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय जर्सी पहनकर मैदान पर उतरना उनके लिए सपने के सच होने जैसा था। क्रिकेट का मैदान उनके लिए दूसरे घर की तरह रहा, जिसने उन्हें हिम्मत, विनम्रता और जिंदगी भर साथ रहने वाली यादें दीं।
उन्होंने अपने परिवार, कोच, साथी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ का आभार जताया। साथ ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), आंध्र क्रिकेट एसोसिएशन, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, गुजरात जायंट्स और रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड (RSPB) को भी सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
अब अगली पीढ़ी के लिए काम करना चाहती हैं मेघना
मेघना ने साफ किया कि भले ही उनके खेलने के दिन खत्म हो रहे हैं, लेकिन क्रिकेट से उनका रिश्ता खत्म नहीं होगा। वह आगे भी खेल से जुड़ी रहना चाहती हैं और अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करने के साथ क्रिकेट को कुछ वापस देने के लिए काम करना चाहती हैं।

