नोएडा में 13 दिन के लिए धारा 163 लागू, 5 से ज्यादा लोगों के जुटने पर रोक; जुलूस-प्रदर्शन भी प्रतिबंधित
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 23 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक BNSS की धारा 163 लागू रहेगी। बिना अनुमति धरना, प्रदर्शन, रैली, जुलूस और भीड़ जुटाने पर रोक रहेगी।
गौतमबुद्धनगर यानी नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिले में 23 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। इस अवधि में सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति भीड़ जुटाने, धरना-प्रदर्शन, जुलूस और रैली जैसी गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा।
प्रशासन की ओर से जारी आदेश का उद्देश्य जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकना बताया गया है। आदेश लागू रहने के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने को लेकर विशेष पाबंदी रहेगी।
23 अगस्त से 4 सितंबर तक लागू रहेगा आदेश
BNSS की धारा 163 के तहत लगाए गए प्रतिबंध 23 अगस्त से प्रभावी होकर 4 सितंबर तक लागू रहेंगे। यानी करीब 13 दिनों तक नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सार्वजनिक गतिविधियों को लेकर प्रशासन की अनुमति जरूरी होगी।
इस दौरान किसी भी संगठन, समूह या व्यक्ति को ऐसा कार्यक्रम आयोजित करने से पहले संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी, जिसमें भीड़ जुटने की संभावना हो।
बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन पर रोक
धारा 163 लागू होने के बाद बिना पूर्व अनुमति के धरना, प्रदर्शन या सार्वजनिक सभा आयोजित नहीं की जा सकेगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे किसी आयोजन का हिस्सा न बनें, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो।
किसी मांग या मुद्दे को लेकर प्रदर्शन करना हो तो आयोजकों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पहले प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।
पांच या उससे अधिक लोगों के जुटने पर प्रतिबंध
आदेश का सबसे अहम हिस्सा सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ को लेकर है। पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा।
इसका मतलब यह नहीं है कि जिले में हर तरह की सामान्य गतिविधि बंद हो जाएगी, बल्कि प्रतिबंध का मुख्य फोकस सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी भीड़ या सभा पर है, जो प्रशासन की अनुमति के बिना आयोजित हो रही हो या कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हो।
जुलूस, रैली और मार्च भी नहीं निकाल सकेंगे
प्रशासन ने बिना अनुमति जुलूस, रैली, मार्च या इसी तरह की सामूहिक गतिविधियों पर भी रोक लगाई है। किसी संगठन या समूह को सार्वजनिक रूप से जुलूस निकालने या लोगों को एकत्र करने से पहले प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।
आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति या आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन की नजर संवेदनशील गतिविधियों पर
धारा 163 लागू करने के पीछे प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बड़ी संख्या में औद्योगिक क्षेत्र, संस्थान और व्यस्त सार्वजनिक क्षेत्र हैं। ऐसे में किसी भी बड़े प्रदर्शन या भीड़ के कारण यातायात और सामान्य व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया है।
नियम तोड़े तो होगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसलिए लोगों से अपील की गई है कि वे बिना अनुमति किसी तरह की सभा, प्रदर्शन, जुलूस या भीड़ जुटाने वाली गतिविधि आयोजित न करें।
फिलहाल यह आदेश 23 अगस्त से 4 सितंबर तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद परिस्थितियों की समीक्षा के आधार पर प्रशासन आगे का फैसला ले सकता है।

