अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट पर जम रही बर्फ, सप्लाई बाधित होने का मंडरा रहा खतरा
अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल (JLN Hospital) में गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। अस्पताल परिसर में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट के कई हिस्सों पर बर्फ जमने से ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने का खतरा बना हुआ है।
अजमेर। सर्द मौसम ने अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल (JLN Hospital) में गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। अस्पताल परिसर में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट के कई हिस्सों पर बर्फ जमने से ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने का खतरा बना हुआ है। यह प्लांट संभाग के गंभीर मरीजों के लिए जीवन रेखा माना जाता है, जहां रोजाना सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, अत्यधिक ठंड के कारण पाइपलाइन और मशीनरी के कुछ हिस्सों पर बर्फ की मोटी परत जम जाती है। यदि समय रहते इसे हटाया न जाए, तो वार्डों में ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जो मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
2–3 घंटे तक करनी पड़ती है मशक्कत
ऑक्सीजन प्लांट इंचार्ज कन्हैयालाल ने बताया कि सप्लाई को सुचारु बनाए रखने के लिए तकनीकी स्टाफ को रोजाना 2 से 3 घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। कर्मचारी पानी के तेज प्रेशर और विशेष उपकरणों की मदद से प्लांट पर जमी बर्फ को सावधानीपूर्वक हटाते हैं, ताकि मशीनरी को नुकसान न पहुंचे और सप्लाई प्रभावित न हो।
कर्मचारियों की सतर्कता और लगातार निगरानी के चलते अब तक किसी भी वार्ड में बड़े स्तर पर ऑक्सीजन सप्लाई ठप नहीं हुई है, लेकिन सर्दी के मौसम में यह समस्या रोज की चुनौती बन चुकी है।
ऑक्सीजन रुकावट बन सकती है जानलेवा
अस्पताल में ऑक्सीजन की सबसे अधिक जरूरत आईसीयू, सीसीयू, नवजात शिशु वार्ड, ऑपरेशन थिएटर, गंभीर सांस रोगियों, हृदय रोगियों और दुर्घटना में घायल मरीजों को होती है। इसके अलावा निमोनिया, अस्थमा और अन्य श्वसन संक्रमणों से पीड़ित मरीजों के लिए ऑक्सीजन जीवनरक्षक है। ऐसे में प्लांट की किसी भी तरह की रुकावट अस्पताल प्रशासन के लिए बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है।
अस्पताल प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि ठंड के मौसम को देखते हुए निगरानी और तकनीकी इंतजाम और मजबूत किए जा रहे हैं, ताकि मरीजों की जान से कोई समझौता न हो।

