टाइगर श्रॉफ से पहले अमिताभ-सलमान समेत 4 सुपरस्टार थे निशाने पर, दिल्ली से 4 और गिरफ्तार
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दो महिलाओं समेत चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, जांच में अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर खान और अक्षय कुमार की कथित रेकी का खुलासा भी हुआ है।
अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच के दौरान कई अहम खुलासे सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने से पहले अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर खान और अक्षय कुमार समेत कई बड़े बॉलीवुड सितारों की रेकी की थी। हालांकि, इन अभिनेताओं की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के कारण आरोपियों ने अपना प्लान बदल दिया। मामले में अब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने चार और लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस को संदेह है कि इन लोगों ने शूटरों को हथियार मुहैया कराए थे।
दिल्ली से चार गिरफ्तार, दो महिलाएं भी शामिल
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मंगलवार को चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान हरियाणा के सोनीपत निवासी कुणाल (21), सुमित (19) और उत्तर प्रदेश की राधा (23) व बबीता (23) के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों पर शूटरों को हथियार उपलब्ध कराने का आरोप है। इससे पहले पुलिस ने बिहार के ऋतिक और हरियाणा के रेहान व फूल सिंह को कोटा से गिरफ्तार किया था। अब नए आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क और वारदात से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
पहले अमिताभ, सलमान, आमिर और अक्षय की रेकी
जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, आरोपी मुंबई में किसी बड़े बॉलीवुड अभिनेता को निशाना बनाने के इरादे से पहुंचे थे। कोटा पुलिस और मुंबई क्राइम ब्रांच की पूछताछ में कथित तौर पर खुलासा हुआ कि टाइगर श्रॉफ से पहले अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर खान और अक्षय कुमार समेत कई सितारों की रेकी की गई थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों को करीब एक महीने पहले मुंबई भेजा गया था। जांच में लॉरेंस गैंग से जुड़े अनिल पंडित का नाम भी सामने आया है। आरोप है कि उसने आरोपियों को किसी बड़े अभिनेता को निशाना बनाने का निर्देश दिया था।
आरोपियों ने अभिनेताओं के घरों की रेकी कर वीडियो बनाए और उन्हें अनिल पंडित तक पहुंचाया। हालांकि, पुलिस के मुताबिक, संबंधित अभिनेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए आरोपियों ने अपना कथित प्लान बदल दिया। इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस साजिश में कौन-कौन शामिल था और आरोपियों को निर्देश कहां से मिल रहे थे।
टाइगर श्रॉफ को क्यों बनाया निशाना?
पुलिस की जांच के अनुसार, टाइगर श्रॉफ की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाने के बाद आरोपियों ने उन्हें निशाना बनाने का फैसला किया। बताया गया है कि आरोपियों ने इंटरनेट के जरिए अभिनेता से जुड़ी जानकारी जुटाई और कई दिनों तक उनकी रेकी की।
जांच में करीब सात दिन तक रेकी किए जाने की बात भी सामने आई है। आरोपियों ने कथित तौर पर अभिनेता के फुटबॉल खेलने आने-जाने के समय और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने सेल्फी लेने के बहाने उनकी कार के करीब पहुंचने की योजना बनाई थी।
हालांकि, वारदात के समय पार्क के बाहर भीड़ मौजूद थी। इसके बावजूद टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की गई। अब जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि हमले की योजना किसने तैयार की और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।
18 अक्टूबर को टाइगर की कार पर हुई थी फायरिंग
यह घटना 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी। जानकारी के मुताबिक, फुटबॉल खेलकर लौट रहे टाइगर श्रॉफ की कार पर बाइक सवार हमलावरों ने फायरिंग की। इस हमले में अभिनेता सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर को चोट लगी।
घटना के बाद टाइगर खुद अपने घायल ड्राइवर को अस्पताल लेकर पहुंचे थे। वारदात के बाद मुंबई पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश के लिए कार्रवाई तेज की। इसी सिलसिले में तीन आरोपियों को कोटा से गिरफ्तार किया गया था।
चौथे युवक के भागने की बात भी आई सामने
पूछताछ में आरोपियों के साथ एक चौथे युवक के होने की बात भी सामने आई है। बताया गया है कि वह हमले से एक रात पहले होटल से सिगरेट पीने के बहाने निकला और वापस नहीं लौटा। पुलिस इस युवक की भूमिका और उसके ठिकाने के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
बॉलीवुड सितारों की सुरक्षा को लेकर जांच तेज
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग का मामला अब केवल हमले तक सीमित नहीं रह गया है। अन्य बड़े अभिनेताओं की कथित रेकी, हथियारों की आपूर्ति और अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तारियां जांच के अहम पहलू बन गए हैं।
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर कथित साजिश की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि इस मामले में प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका थी और क्या अन्य लोग भी इस नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।

