महिला आरक्षण प्रदर्शन मामले में अलका लांबा को राहत, कोर्ट ने 1 साल के लिए प्रोबेशन पर छोड़ा

कांग्रेस नेता Alka Lamba को Rouse Avenue Court से बड़ी राहत मिली है। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में अदालत ने उन्हें अच्छे आचरण के आधार पर एक वर्ष के लिए प्रोबेशन पर रिहा करने का आदेश दिया है। साथ ही एक लाख रुपये का निजी बॉन्ड भरने को कहा गया है।

महिला आरक्षण प्रदर्शन मामले में अलका लांबा को राहत, कोर्ट ने 1 साल के लिए प्रोबेशन पर छोड़ा
Alka lamba

कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक Alka Lamba को दिल्ली की Rouse Avenue Court से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें अच्छे आचरण के आधार पर एक वर्ष के लिए प्रोबेशन पर रिहा करने का आदेश दिया है। साथ ही उन्हें एक लाख रुपये का निजी बॉन्ड भरने का निर्देश भी दिया गया है।

यह मामला वर्ष 2024 में महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। अदालत ने पिछले महीने अलका लांबा को इस मामले में दोषी ठहराया था और शनिवार को सजा पर फैसला सुनाया जाना था। हालांकि सुनवाई के दौरान उनके अच्छे आचरण को देखते हुए कोर्ट ने उन्हें एक साल की प्रोबेशन अवधि का लाभ दे दिया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने की घटनाएं हुई थीं। इसी आधार पर उनके खिलाफ जनसेवकों पर हमला, सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी से रोकने और कानून-व्यवस्था भंग करने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।

सरकारी वकील का तर्क था कि जंतर-मंतर क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद प्रदर्शन आयोजित किया गया था। वहीं बचाव पक्ष ने अदालत से नरमी बरतने की अपील की थी, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने प्रोबेशन का लाभ दिया।

अब प्रोबेशन अवधि के दौरान अलका लांबा को अदालत द्वारा निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा। यदि इस अवधि में उनका आचरण संतोषजनक रहता है, तो उन्हें आगे कानूनी राहत मिल सकती है।