Congress Reshuffle: कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल तय! कई प्रदेश अध्यक्षों और महासचिवों की हो सकती है छुट्टी

कांग्रेस संगठन में बड़े फेरबदल की तैयारी तेज है। कई महासचिव, प्रदेश अध्यक्ष और राज्य प्रभारी बदले जा सकते हैं। आगामी चुनावों को देखते हुए पार्टी संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

Congress Reshuffle: कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल तय! कई प्रदेश अध्यक्षों और महासचिवों की हो सकती है छुट्टी

कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी तेज हो गई है। आगामी विधानसभा चुनावों और संगठन को मजबूत करने की रणनीति के तहत पार्टी नेतृत्व कई अहम पदों पर फेरबदल कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस जल्द ही कई प्रदेश अध्यक्षों, महासचिवों और राज्य प्रभारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव करने जा रही है।

चार महासचिवों की हो सकती है छुट्टी

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के चार महासचिवों को संगठन से हटाया जा सकता है। इसके अलावा 6 से 7 राज्यों के प्रभारी भी बदले जा सकते हैं। वहीं पार्टी के करीब 26 राष्ट्रीय सचिवों की भी छुट्टी होने की संभावना है। वर्तमान में कांग्रेस में 62 राष्ट्रीय सचिव कार्यरत हैं।

इन प्रभारियों पर गिर सकती है गाज

जानकारी के मुताबिक, हरियाणा प्रभारी बीके हरिप्रसाद, महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला, छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट, तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडंकर और राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा को उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त किया जा सकता है।

बीके हरिप्रसाद के कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद हरियाणा में नए प्रभारी की नियुक्ति लगभग तय मानी जा रही है। वहीं रमेश चेन्निथला के केरल सरकार में मंत्री बनने के बाद महाराष्ट्र के लिए नया प्रभारी नियुक्त किया जा सकता है।

इसके अलावा केरल कांग्रेस अध्यक्ष सन्नी जोसेफ के मंत्री बनने के बाद संगठन में उनकी भूमिका भी बदल सकती है। तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडंकर को हाल ही में गोवा कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, ऐसे में एआईसीसी में उनकी भूमिका खत्म होने की चर्चा है।

इन राज्यों में बदल सकते हैं प्रदेश अध्यक्ष

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में नए प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर सकती है।

विशेष रूप से पंजाब और उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठनात्मक बदलाव को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व इन राज्यों में नए चेहरों को मौका देकर संगठन को सक्रिय और चुनावी रूप से मजबूत बनाना चाहता है।

गुटबाजी रोकने और संगठन मजबूत करने पर फोकस

कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि कई राज्यों में संगठनात्मक कमजोरी और आंतरिक गुटबाजी पार्टी के प्रदर्शन को प्रभावित कर रही है। ऐसे में नए नेतृत्व के जरिए संगठन में नई ऊर्जा भरने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की कोशिश की जा रही है।