नमक के अपशिष्ट से बनाया जा रहा था पोटाश, किसानों से धोखा बर्दाश्त नहीं : डॉ. किरोड़ी लाल मीणा
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने जयपुर के VKI क्षेत्र में छापेमारी कर नकली पोटाश, अवैध बायो स्टिमुलेंट और उर्वरक निर्माण के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया। कई इकाइयों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने जयपुर के विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र (VKI) में संचालित फर्टिलाइजर एवं कृषि उत्पाद इकाइयों पर औचक निरीक्षण कर नकली और अवैध कृषि उत्पादों के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया। निरीक्षण के दौरान तीन स्थानों पर बिना अनुमति बायो स्टिमुलेंट, बायो फर्टिलाइजर तथा नकली पोटाश का निर्माण और भंडारण पाया गया।
कृषि मंत्री ने बताया कि एक इकाई में नमक के अपशिष्ट से म्यूरेट ऑफ पोटाश (एमओपी) तैयार कर किसानों को बेचा जा रहा था, जो किसानों के साथ बड़ा धोखा है। इसके अलावा कई उत्पादों पर निर्माण तिथि, एक्सपायरी तिथि और अन्य अनिवार्य जानकारियां उर्वरक नियंत्रण आदेश (एफसीओ)-1985 के मानकों के अनुरूप अंकित नहीं थीं, बावजूद इसके उन्हें ऊंचे दामों पर बाजार में बेचा जा रहा था।

निरीक्षण के दौरान कृषि मंत्री ने वीकेआई स्थित नंदी फर्टिलाइजर्स की सील इकाई का निरीक्षण किया। यहां नमक के अपशिष्ट से पोटाश तैयार किए जाने का मामला सामने आया। इसके बाद रोड नंबर-7 स्थित समृद्धि सर्विसेज नामक सीएंडएफ गोदाम पर भी कार्रवाई की गई, जहां बिना अनुमति बायो स्टिमुलेंट की सप्लाई की जा रही थी। राज्य में बायो स्टिमुलेंट की बिक्री पर रोक होने के बावजूद यह गतिविधि संचालित पाई गई। वहीं चित्तारी एग्री केयर नामक कंपनी में भी बिना अनुमति बायो स्टिमुलेंट और अन्य उत्पाद मिलने की जानकारी सामने आई।
जांच के दौरान एक गोदाम में तरल एवं किण्वित ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर भी पाया गया, जो लाइसेंस में शामिल नहीं था। अधिकारियों को आशंका है कि इस उत्पाद पर भारत सरकार की प्रति टन 1500 रुपये की सब्सिडी भी अनधिकृत रूप से प्राप्त की जा रही थी। मामले की जांच जारी है।

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को संदिग्ध इकाइयों की बिक्री तत्काल प्रभाव से रोकने, उत्पादों के नमूने जांच के लिए भेजने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूरे प्रदेश में ऐसे गोदामों और इकाइयों की व्यापक जांच के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
डॉ. मीणा ने कहा कि नकली और घटिया कृषि उत्पाद किसानों की आय, फसल और भूमि की उर्वरता को नुकसान पहुंचाते हैं। राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और अन्नदाताओं के साथ धोखाधड़ी करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

