बाड़मेर में मुर्गी फार्म की आड़ में एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़, 8.50 करोड़ की सामग्री जब्त

बाड़मेर के सेड़वा थाना क्षेत्र में मुर्गी फार्म की आड़ में चल रही एमडी ड्रग फैक्ट्री का खुलासा। पुलिस ने 8.50 करोड़ रुपये की एमडी, केमिकल और उपकरण जब्त किए, एक आरोपी गिरफ्तार, तीन फरार।

बाड़मेर में मुर्गी फार्म की आड़ में एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़, 8.50 करोड़ की सामग्री जब्त

राजस्थान के सीमावर्ती बाड़मेर जिले में पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध एमडी ड्रग निर्माण इकाई का पर्दाफाश किया है। सेड़वा थाना क्षेत्र के सिंहार गांव में मुर्गीपालन के नाम पर संचालित इस सेटअप से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ, रसायन और उपकरण बरामद किए गए हैं।

खेत के पीछे बना था पूरा सेटअप

पुलिस टीम ने खेत मालिक आदम खान के परिसर में दबिश दी। मुर्गी फार्म के पीछे बने अस्थायी ढांचे में ड्रग तैयार करने का पूरा इंतजाम मिला। मौके से 4 किलो 73 ग्राम तैयार एमडी, करीब 35 लीटर तरल रसायन, हाइड्रोक्लोरिक एसिड, अमोनिया, एसीटोन, 48 किलो से अधिक संदिग्ध पाउडर और डोडा-पोस्त सहित बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की गई। जब्त सामान की अनुमानित कीमत करीब 8.50 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

40 किलोमीटर दूर छुपाए थे केमिकल ड्रम

पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने 150 लीटर केमिकल 15 ड्रमों में भरकर चौहटन क्षेत्र के धोरों में छिपा रखे थे। पुलिस ने वहां भी कार्रवाई कर ड्रम बरामद कर लिए। बताया जा रहा है कि तैयार की गई पहली खेप को गुजरात भेजने की तैयारी थी।

एक गिरफ्तार, तीन फरार

कार्रवाई के दौरान खेत मालिक को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य तीन आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश में विशेष टीमें गठित की गई हैं। एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है।

बॉर्डर और हाईवे बना तस्करों के लिए आसान रास्ता

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बाड़मेर की सीमा गुजरात से सटी होने और भारतमाला हाईवे की सुविधा के कारण तस्करों को आवाजाही में आसानी मिलती है। पश्चिमी राजस्थान पहले से मादक पदार्थ तस्करी के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र रहा है।

सात माह में कई फैक्ट्रियों का खुलासा

पिछले सात महीनों में जिले में पांच से अधिक ड्रग निर्माण इकाइयों का भंडाफोड़ किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि अवैध नेटवर्क की पहचान कर लगातार निगरानी की जा रही है।