ममता बनर्जी के घर CID की दस्तक! कालीघाट स्थित TMC ऑफिस में तलाशी, दीदी और अभिषेक दिल्ली में

पश्चिम बंगाल विधानसभा के कथित सिग्नेचर फोरजरी मामले में CID की टीम ममता बनर्जी के आवास के सामने स्थित TMC कार्यालय पहुंची। जांच के दौरान अधिकारियों और पार्टी कार्यकर्ता के बीच बहस की भी खबर सामने आई।

ममता बनर्जी के घर CID की दस्तक! कालीघाट स्थित TMC ऑफिस में तलाशी, दीदी और अभिषेक दिल्ली में
Mamta banarjee

पश्चिम बंगाल की राजनीति में मंगलवार को उस समय हलचल मच गई जब सीआईडी (CID) की टीम मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के आवास के सामने स्थित पार्टी कार्यालय पहुंची। विधानसभा में कथित सिग्नेचर फोरजरी (जाली हस्ताक्षर) मामले की जांच के तहत अधिकारियों ने कालीघाट स्थित तृणमूल कार्यालय में तलाशी लेने की कोशिश की।

कालीघाट के TMC ऑफिस पहुंची CID टीम

जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर राज्य के इंटेलिजेंस विभाग और सीआईडी के अधिकारी 30B, हरीश चटर्जी स्ट्रीट, कालीघाट स्थित तृणमूल कांग्रेस कार्यालय पहुंचे। यह कार्यालय ममता बनर्जी के आवास के ठीक सामने स्थित है।

अधिकारियों का उद्देश्य पश्चिम बंगाल विधानसभा में कथित जाली हस्ताक्षर मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य संभावित सबूतों की जांच करना था। इस कार्रवाई की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं।

CID और TMC कार्यकर्ता के बीच बहस

सूत्रों के मुताबिक, जब सीआईडी अधिकारी कार्यालय परिसर में प्रवेश करने पहुंचे तो वहां मौजूद एक तृणमूल कार्यकर्ता ने उन्हें अंदर जाने से रोकने की कोशिश की। इस दौरान अधिकारियों और कार्यकर्ता के बीच तीखी बहस भी हुई। हालांकि बाद में स्थिति को संभालने का प्रयास किया गया।

दिल्ली में हैं ममता और अभिषेक

इस पूरे घटनाक्रम के बीच तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख नेता ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी कोलकाता में मौजूद नहीं हैं। दोनों नेता फिलहाल दिल्ली दौरे पर हैं, जिससे इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक अटकलें और भी तेज हो गई हैं।

सिग्नेचर फोरजरी केस की जांच पर टिकी नजरें

सीआईडी की यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल विधानसभा से जुड़े कथित सिग्नेचर फोरजरी मामले की जांच का हिस्सा मानी जा रही है। फिलहाल एजेंसी की ओर से आधिकारिक तौर पर तलाशी के नतीजों या आगे की कार्रवाई को लेकर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।

राज्य की राजनीति में इस घटनाक्रम के बाद सियासी तापमान बढ़ गया है और अब सभी की नजरें जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।