संसद रत्न पुरस्कार 2026: 12 सांसद और 4 संसदीय समितियां होंगी सम्मानित
देश के प्रतिष्ठित ‘संसद रत्न पुरस्कार 2026’ के विजेताओं की घोषणा कर दी गई है।
देश के सबसे प्रतिष्ठित विधायी सम्मानों में से एक ‘संसद रत्न पुरस्कार’ 2026 के विजेताओं की घोषणा कर दी गई है। निजी संस्था primepointfoundation.org ने इस वर्ष 12 सांसदों और 4 संसदीय समितियों को उनके उत्कृष्ट संसदीय प्रदर्शन के लिए चुना है। यह सम्मान संसद में सक्रिय भागीदारी, जनता के मुद्दे उठाने और विधायी कार्यों में प्रभावी योगदान के आधार पर दिया जाता है।
किन आधारों पर होता है संसद रत्न पुरस्कार का चयन?
संसद रत्न पुरस्कार उन सांसदों और संसदीय समितियों को दिया जाता है जिन्होंने संसद में बेहतर उपस्थिति, प्रभावी बहस, प्रश्न पूछने, निजी विधेयक पेश करने और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने में उल्लेखनीय योगदान दिया हो।
इस बार चुने गए विजेताओं को जल्द ही आयोजित होने वाले एक भव्य समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
व्यक्तिगत श्रेणी में चुने गए प्रमुख सांसद
इस वर्ष कई अनुभवी और सक्रिय सांसदों को संसद रत्न पुरस्कार के लिए चुना गया है। इनमें अलग-अलग राज्यों और दलों के नेता शामिल हैं।
प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
Jagdambika Pal
P. P. Chaudhary
Nishikant Dubey
Shrikant Eknath Shinde
Praveen Patel
Vidyut Varan Mahato
Lumbaram Choudhary
Hemant Vishnu Savara
Smita Uday Wagh
Naresh Ganpat Mhaske
Medha Vishram Kulkarni
Narahari Amin
इन संसदीय समितियों को भी मिलेगा सम्मान
इस वर्ष चार संसदीय समितियों को भी उनके प्रभावी कार्यों और नीति समीक्षा में योगदान के लिए चुना गया है।
सम्मानित होने वाली समितियां:
कृषि समिति
अध्यक्ष: Charanjit Singh Channi
वित्त समिति
अध्यक्ष: Bhartruhari Mahtab
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज समिति
अध्यक्ष: Saptagiri Sankar Ulaka
कोयला और खान समिति
अध्यक्ष: Anurag Thakur
अनुभवी नेताओं और नए चेहरों का संतुलन
इस बार की सूची में कई ऐसे नेता शामिल हैं जो लंबे समय से राजनीति और प्रशासन का हिस्सा रहे हैं।
Jagdambika Pal और Charanjit Singh Channi जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ नए और ऊर्जावान सांसदों को भी जगह दी गई है।
इसके अलावा Narahari Amin जैसे अनुभवी चेहरों का चयन इस पुरस्कार की विविधता और व्यापकता को दर्शाता है।
संसद रत्न पुरस्कार क्यों माना जाता है खास?
संसद रत्न पुरस्कार को संसद में वास्तविक प्रदर्शन और सक्रियता का प्रतीक माना जाता है। यह सम्मान सांसदों को सिर्फ राजनीतिक पहचान के आधार पर नहीं, बल्कि उनके संसदीय कामकाज और जनता के प्रति जवाबदेही के आधार पर दिया जाता है।
Saloni Kushwaha 
