बदलने वाला है भारतीय नोटों का स्वरूप! प्लास्टिक करेंसी की तैयारी में RBI, शुरू हुई बड़ी प्रक्रिया
RBI भारत में प्लास्टिक (पॉलीमर) करेंसी नोट लाने की तैयारी तेज कर रहा है। जानें BRBNMPL की नई पहल, पॉलीमर नोटों के फायदे और ₹10, ₹20, ₹100 व ₹500 के नोटों पर क्या असर पड़ सकता है।
Plastic Currency Notes: डिजिटल पेमेंट के बढ़ते चलन के बावजूद देश में बड़ी संख्या में लोग आज भी नकदी का इस्तेमाल करते हैं। अगर आपके पास ₹10, ₹20, ₹100 या ₹500 का नोट है, तो आने वाले समय में इनका स्वरूप बदल सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में प्लास्टिक के नोट लाने की दिशा में अहम कदम उठा रहा है।
प्लास्टिक नोटों की तैयारी तेज
RBI की नोट छापने वाली कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) ने प्लास्टिक के नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली पॉलीमर शीट की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए कंपनी ने दुनिया भर की कंपनियों से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) आमंत्रित किए हैं।
इस कदम को भारत में पॉलीमर आधारित करेंसी नोटों की शुरुआत की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
क्या है BRBNMPL?
BRBNMPL (Bharatiya Reserve Bank Note Mudran Private Limited) भारतीय रिजर्व बैंक की वह कंपनी है, जो देश में करेंसी नोटों की छपाई का काम करती है। नोटों के उत्पादन और उनसे जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य इसी संस्था के जिम्मे हैं।
पॉलीमर शीट के लिए EOI जारी होने के बाद यह संकेत मिल रहे हैं कि प्लास्टिक नोटों को लेकर तैयारियां अब तेज हो गई हैं।
प्लास्टिक नोटों के क्या होंगे फायदे?
यदि भविष्य में कागज के नोटों की जगह प्लास्टिक के नोट चलन में आते हैं, तो इनके कई फायदे देखने को मिल सकते हैं।
- कागज के नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ होंगे।
- जल्दी कटेंगे या फटेंगे नहीं।
- पानी और नमी का असर बेहद कम होगा।
- लंबे समय तक अच्छी स्थिति में बने रहेंगे।
- नोटों की लाइफ बढ़ने से बार-बार छपाई की जरूरत कम होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि पॉलीमर नोट अधिक सुरक्षित भी होते हैं और इनमें आधुनिक सुरक्षा फीचर्स जोड़ना आसान होता है, जिससे नकली नोटों पर भी रोक लगाने में मदद मिल सकती

