टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा! वारदात से पहले खरीदी बाइक, पुलिस से बचने के लिए सूरत में बदली ट्रेन
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में कोटा पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा। जांच में बाइक खरीदने, सूरत में ट्रेन बदलने और फरार होने की जानकारी सामने आई।
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में पुलिस की जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। राजस्थान के कोटा में पकड़े गए तीनों आरोपियों ने कथित तौर पर वारदात से पहले बाइक खरीदी थी। हमला करने के बाद वे मुंबई से फरार होने के लिए ट्रेन में सवार हुए और पुलिस से बचने के लिए रास्ते में ट्रेन बदल दी। कोटा पुलिस ने मुंबई पुलिस से मिली सूचना के आधार पर तीनों को रेलवे स्टेशन पर पकड़ लिया।
हरियाणा और बिहार के रहने वाले हैं आरोपी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में हरियाणा के सोनीपत की ईदगाह कॉलोनी निवासी रेहान उर्फ सुवका (18) और बिहार के बेगूसराय के पिपराई निवासी ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन (22) शामिल हैं। तीसरा आरोपी नाबालिग है, जिसे पुलिस ने निरुद्ध किया है। फिलहाल तीनों को बापर्दा रखा गया है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों को वारदात के लिए मोटी रकम देने का लालच दिया गया था। पुलिस के अनुसार, रेहान को अनिल पंडित ने घटना के बाद विदेश में नौकरी दिलाने और वहां बसाने का आश्वासन दिया था। फिलहाल आरोपियों के पास से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है।
जुहू में वारदात के बाद ऐसे भागे आरोपी
कोटा एसपी तेजस्विनी गौतम के अनुसार, आरोपियों ने कथित वारदात से पहले बाइक खरीदी थी। मुंबई के जुहू इलाके में फायरिंग के बाद तीनों बाइक से भागे। वे एसवी रोड और विले पार्ले होते हुए अंधेरी रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां से ट्रेन में सवार हो गए।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी रास्ते में गुजरात के सूरत स्टेशन पर उतर गए। इसके बाद उन्होंने जयपुर-पुणे ट्रेन के जनरल कोच में सफर शुरू किया। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी जानकारी से उनके इस रास्ते की जानकारी मिली।
15 मिनट में कोटा रेलवे स्टेशन पर तैनात हुई पुलिस
मुंबई क्राइम ब्रांच से सूचना मिलने के बाद कोटा पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। रेलवे कॉलोनी और भीमगंज मंडी थाने की पुलिस के साथ जिला विशेष टीम, साइबर टीम, रेलवे सुरक्षा बल और अन्य इकाइयों को स्टेशन पहुंचने के निर्देश दिए गए।
पुलिस ने ट्रेन के जनरल डिब्बों में सादे कपड़ों में जवान तैनात किए और स्टेशन के निकास द्वारों पर भी निगरानी बढ़ा दी। कुछ ही देर में पुलिसकर्मियों ने जनरल कोच की ऊपर वाली सीट पर सो रहे तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया। तकनीकी आधार पर पहचान की पुष्टि के बाद उन्हें जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय ले जाया गया।
मुंबई पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया शुरू
कोटा पुलिस के तीनों आरोपियों को पकड़ने के करीब पौने दो घंटे बाद मुंबई पुलिस की टीम कोटा पहुंच गई। इसके बाद आरोपियों को मुंबई पुलिस के हवाले करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
पुलिस के अनुसार, बिहार के बेगूसराय का रहने वाला ऋतिक मुंबई में रैपिडो बाइक चलाता था और अंधेरी वेस्ट इलाके में रहता था। वहीं, रेहान और नाबालिग आरोपी मजदूरी करते थे। मामले में आगे की जांच जारी है।

