जयपुर में मोबाइल स्नैचिंग गिरोह का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार; 19 मोबाइल और डिजायर कार बरामद

जयपुर में मोबाइल चोरी और स्नैचिंग गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 19 मोबाइल फोन और डिजायर कार बरामद की। जांच में ओएलएक्स और मेवात कनेक्शन की आशंका सामने आई है।

जयपुर में मोबाइल स्नैचिंग गिरोह का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार; 19 मोबाइल और डिजायर कार बरामद

जयपुर में मोबाइल चोरी और स्नैचिंग के जरिए फोन लूटने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। जयपुर पश्चिम पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों मोइन उर्फ शाहरुख, मोहम्मद अनस और हसीब को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 19 मोबाइल फोन और एक डिजायर कार बरामद की है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि चोरी और छीने गए मोबाइल फोन को OLX के जरिए बेचने के साथ मेवात में साइबर ठगी करने वालों तक भी पहुंचाया जाता था।

 नशे के आदी लोगों को पैसे का लालच देने का आरोप

डीसीपी जयपुर पश्चिम प्रशांत किरण के मुताबिक, पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। शुरुआती जांच में मोइन उर्फ शाहरुख को गिरोह का सरगना बताया गया है। आरोप है कि वह नशे के आदी लोगों को पैसों का लालच देकर मोबाइल चोरी और स्नैचिंग करवाता था। इसके बाद इन मोबाइलों को खरीदकर अलग-अलग माध्यमों से आगे बेच दिया जाता था।

पुलिस के अनुसार, चोरी किए गए मोबाइल एक आरोपी से दूसरे आरोपी तक पहुंचते थे। कुछ फोन OLX के जरिए बेचे जाते थे, जबकि कुछ को मेवात में साइबर ठगी करने वाले लोगों तक पहुंचाने का आरोप है।

 3 से 5 हजार रुपये में खरीदकर आगे बेचते थे मोबाइल

जांच में सामने आए शुरुआती विवरण के मुताबिक, मोइन कथित तौर पर मोबाइल फोन 3 हजार से 5 हजार रुपये के बीच बेचता था। इसके बाद मोहम्मद अनस और हसीब इन फोन को कथित रूप से 6 हजार से 7 हजार रुपये में मेवात के खरीदारों तक पहुंचाते थे।

पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी 20 से 25 मोबाइल फोन इकट्ठा होने के बाद उनकी खेप मेवात भेजते थे। जांच में करीब 150 से 200 मोबाइल फोन वहां पहुंचाए जाने का अनुमान भी सामने आया है। हालांकि, इस संख्या और मोबाइलों के अंतिम इस्तेमाल की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

 डिजायर कार और मोबाइल फोन जब्त

पुलिस ने आरोपियों के पास से 19 मोबाइल फोन के अलावा एक डिजायर कार और दो अन्य मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पुलिस को आशंका है कि कार का इस्तेमाल वारदातों के दौरान किया जाता था। अब जांच की जा रही है कि बरामद फोन किन लोगों के हैं और कितने मोबाइल चोरी या स्नैचिंग के मामलों से जुड़े हैं।

जयपुर के अलावा दौसा और करौली तक जुड़े मामले

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ जयपुर के कई थानों के साथ दौसा और करौली में भी मामले दर्ज हैं। पुलिस पुराने मामलों की जानकारी जुटाकर बरामद मोबाइलों और आरोपियों की गतिविधियों के बीच संबंध तलाश रही है।

पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गिरोह में और कौन-कौन शामिल था, चोरी के फोन किन लोगों को बेचे गए और क्या इन मोबाइलों का इस्तेमाल साइबर ठगी में किया गया। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकती है।