क्या बदलने वाला है महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री? संजय राउत का बड़ा बयान
संजय राउत ने दावा किया कि केंद्र में मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल होने पर महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव हो सकता है। जानें देवेंद्र फडणवीस, राम रक्षा आंदोलन, परिसीमन और सोनम वांगचुक पर उन्होंने क्या कहा।
Sanjay Raut on Maharashtra Politics: शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि यदि आने वाले एक-दो महीनों में केंद्र सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल होता है, तो इसका असर महाराष्ट्र की राजनीति पर भी पड़ सकता है। राउत के मुताबिक ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को केंद्र में जिम्मेदारी मिल सकती है और राज्य में बीजेपी का कोई वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।
नागपुर में दिया बयान
नागपुर दौरे पर पहुंचे संजय राउत ने मीडिया से बातचीत के दौरान यह दावा किया। वह उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के प्रस्तावित 'राम रक्षा आंदोलन' की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे थे।
राउत ने कहा, "अगर केंद्र में मंत्रिमंडल का फेरबदल होता है तो देवेंद्र फडणवीस देश की सेवा के लिए दिल्ली जा सकते हैं और महाराष्ट्र में बीजेपी का कोई वरिष्ठ मंत्री मुख्यमंत्री बन सकता है।" हालांकि उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई ठोस आधार या किसी संभावित नाम का उल्लेख नहीं किया।
'राम रक्षा आंदोलन' में RSS और BJP को भी न्योता
संजय राउत ने बताया कि 18 जुलाई को नागपुर में आयोजित होने वाला 'राम रक्षा आंदोलन' अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग के आरोपों के विरोध में आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में सभी हिंदुत्ववादी संगठनों को आमंत्रित किया गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत को भी निमंत्रण भेजा गया है। राउत ने कहा कि यदि मोहन भागवत स्वयं शामिल नहीं हो सकते, तो वे अपना प्रतिनिधि भेजें। इसके अलावा बीजेपी समेत अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं और स्थानीय विधायकों को भी आमंत्रित किया गया है।
राउत के अनुसार, विदर्भ के सभी 11 जिलों से बड़ी संख्या में रामभक्त और शिवसेना (यूबीटी) कार्यकर्ता इस आंदोलन में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आस्था और पारदर्शिता से जुड़ा आंदोलन है।
परिसीमन पर खड़गे की मांग का समर्थन
संसद के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे गए पत्र पर भी संजय राउत ने प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि परिसीमन (डिलिमिटेशन) जैसे महत्वपूर्ण विषय पर संसद सत्र शुरू होने से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग उचित है। राउत ने कहा, "खड़गे जो कह रहे हैं, हम उससे सहमत हैं।" उन्होंने इस मुद्दे पर व्यापक राजनीतिक सहमति बनाने की जरूरत बताई।
गौरतलब है कि 20 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र में केंद्र सरकार संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पेश कर सकती है, जिसमें लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और नए सिरे से परिसीमन की प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव बताया जा रहा है।
सोनम वांगचुक के मुद्दे पर भी सरकार पर निशाना
संजय राउत ने जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के समर्थन में चल रहे प्रदर्शन और भूख हड़ताल का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां केवल सोनम वांगचुक ही नहीं, बल्कि एक 20 वर्षीय युवती भी अनशन पर बैठी है, लेकिन उनकी बिगड़ती तबीयत की ओर केंद्र सरकार ध्यान नहीं दे रही।
राउत ने कहा, "सत्ता में बैठे लोगों ने संवेदनशीलता खो दी है। क्या मोदी मंत्रिमंडल में किसी में इतनी हिम्मत है कि वह सोनम वांगचुक के समर्थन में खड़ा हो सके?" उन्होंने लोकतांत्रिक विरोध और जनता की आवाज को गंभीरता से लेने की अपील की।

