अंकिता भंडारी हत्याकांड में CBI की हलचल तेज, पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौड़ से 4 घंटे तक पूछताछ

अंकिता भंडारी हत्याकांड में CBI ने पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौड़ से हरिद्वार में 3-4 घंटे पूछताछ की। परिजनों ने भी CBI अधिकारियों से मुलाकात की।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में CBI की हलचल तेज, पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौड़ से 4 घंटे तक पूछताछ

उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने तेजी दिखाई है। शनिवार को जांच एजेंसी की टीम ने बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ से हरिद्वार के शिवालिक गेस्ट हाउस में करीब तीन से चार घंटे तक पूछताछ की। इस कार्रवाई के बाद मामले की जांच को लेकर एक बार फिर हलचल बढ़ गई है।

आवास से गेस्ट हाउस ले जाकर की गई पूछताछ

जानकारी के मुताबिक, CBI की टीम सुरेश राठौड़ को उनके आवास से पूछताछ के लिए शिवालिक गेस्ट हाउस लेकर पहुंची थी। यहां उनसे मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल किए गए।

पूछताछ के बाद पूर्व विधायक ने कहा कि वह जांच एजेंसी को पूरा सहयोग कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। उनके मुताबिक, CBI ने उनसे जो सवाल पूछे, उनका उन्होंने सही-सही जवाब दिया।

अभिनेत्री उर्मिला को लेकर पूछे गए सवाल

पूछताछ के दौरान अभिनेत्री उर्मिला से जुड़े सवाल पर सुरेश राठौड़ ने उन्हें जानने से इनकार कर दिया। हालांकि, CBI ने पूछताछ में किन मुद्दों पर जानकारी जुटाई और जांच के दौरान क्या तथ्य सामने आए, इस संबंध में एजेंसी की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

अंकिता के माता-पिता ने CBI अधिकारियों से की मुलाकात

इस मामले में अंकिता भंडारी के माता-पिता ने शुक्रवार को CBI मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी। उन्होंने मामले के विभिन्न पहलुओं के बारे में अधिकारियों को जानकारी दी।

यह मुलाकात 14 अक्टूबर को इंडिया गेट के पास किए गए विरोध प्रदर्शन के दो दिन बाद हुई। इस प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी शामिल हुए थे। उन्होंने अंकिता के परिवार से मुलाकात कर न्याय की मांग के प्रति समर्थन जताया था।

क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?

अंकिता भंडारी की वर्ष 2022 में उत्तराखंड के एक रिसॉर्ट में हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे देश में आक्रोश पैदा किया था। अब मामले की जांच CBI कर रही है। जांच एजेंसी की ओर से आगे की कार्रवाई और पूछताछ से जुड़े तथ्यों का आधिकारिक खुलासा होना बाकी है।