लॉन्ग वीकेंड पर भीड़ से बचने का स्मार्ट तरीका, जानें क्या है रिवर्स ट्रैवल

लॉन्ग वीकेंड पर ट्रैफिक, भीड़ और महंगे होटल से बचना चाहते हैं? जानिए क्या है Reverse Travel और इसे स्मार्ट तरीके से कैसे प्लान करें।

लॉन्ग वीकेंड पर भीड़ से बचने का स्मार्ट तरीका, जानें क्या है रिवर्स ट्रैवल

लॉन्ग वीकेंड आते ही ज्यादातर लोग घूमने के लिए पहाड़ों, समुद्र किनारे या लोकप्रिय पर्यटन स्थलों का रुख करते हैं। नतीजा यह होता है कि हाईवे पर लंबा ट्रैफिक जाम, होटल के बढ़े हुए किराए और टूरिस्ट स्पॉट्स पर भीड़ छुट्टियों का मजा कम कर देती है। ऐसे में अगर आप कम भीड़ और कम खर्च में घूमना चाहते हैं, तो रिवर्स ट्रैवल का तरीका आपके काम आ सकता है।

क्या है रिवर्स ट्रैवल?

रिवर्स ट्रैवल का आसान मतलब है ऐसी जगह या ऐसा समय चुनना, जहां उस दौरान पर्यटकों की संख्या कम हो। यानी जब ज्यादातर लोग किसी लोकप्रिय डेस्टिनेशन की ओर जा रहे हों, तब आप किसी कम चर्चित जगह का रुख करें।

उदाहरण के लिए, लॉन्ग वीकेंड पर शिमला, मनाली या गोवा जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर भीड़ बढ़ सकती है। ऐसे में किसी ऑफबीट डेस्टिनेशन को चुनना रिवर्स ट्रैवल का हिस्सा हो सकता है।

इसका दूसरा तरीका यात्रा की टाइमिंग बदलना है। अगर ज्यादातर लोग छुट्टी के पहले दिन निकल रहे हैं, तो आप एक दिन पहले यात्रा शुरू कर सकते हैं। इसी तरह वापसी के लिए भी पीक टाइम से बचने की कोशिश की जा सकती है।

रिवर्स ट्रैवल के क्या हैं फायदे?

रिवर्स ट्रैवल का सबसे बड़ा फायदा भीड़ से बचना हो सकता है। लोकप्रिय पर्यटन स्थलों की बजाय कम भीड़ वाली जगह चुनने से सफर ज्यादा आरामदायक रह सकता है।

इसके अलावा, कम डिमांड वाले समय या डेस्टिनेशन पर होटल और यात्रा से जुड़े खर्च अपेक्षाकृत कम मिल सकते हैं। इससे सीमित बजट में भी बेहतर होटल या लंबा स्टे प्लान करना आसान हो सकता है।

कम भीड़ का एक फायदा यह भी है कि आप किसी जगह को बिना जल्दबाजी के एक्सप्लोर कर सकते हैं और ट्रैफिक में कम समय गंवाना पड़ सकता है।

कैसे करें रिवर्स ट्रैवल की प्लानिंग?

रिवर्स ट्रैवल के लिए सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि लॉन्ग वीकेंड पर कौन-सी जगहें सबसे ज्यादा भीड़ खींच सकती हैं। इसके बाद उसके विकल्प के तौर पर किसी शांत या कम लोकप्रिय डेस्टिनेशन को चुना जा सकता है।

1. ऑफबीट डेस्टिनेशन चुनें

अगर शिमला या मनाली जैसे लोकप्रिय हिल स्टेशन आपकी पहली पसंद हैं, तो आसपास की कम चर्चित जगहों को विकल्प बनाया जा सकता है। इससे आपको पहाड़ों का अनुभव भी मिल सकता है और भीड़ से बचने का मौका भी।

2. यात्रा की टाइमिंग बदलें

लॉन्ग वीकेंड शुरू होने से एक दिन पहले निकलना या छुट्टी खत्म होने के बाद लौटना भीड़ से बचने का एक तरीका हो सकता है। इससे पीक ट्रैवल टाइम में सड़कों पर दबाव कम मिलने की संभावना रहती है।

3. स्टेकेशन भी है अच्छा विकल्प

रिवर्स ट्रैवल के लिए जरूरी नहीं कि आप किसी दूसरे शहर जाएं। लॉन्ग वीकेंड पर जब बड़ी संख्या में लोग शहर से बाहर निकलते हैं, तब अपने ही शहर में होटल या रिसॉर्ट में स्टेकेशन प्लान किया जा सकता है।

इस दौरान कुछ होटल बेहतर ऑफर भी दे सकते हैं। ऐसे में बिना लंबी यात्रा किए छुट्टियों का आनंद लिया जा सकता है।

कम भीड़ में छुट्टियों का ज्यादा मजा

रिवर्स ट्रैवल का मकसद सिर्फ पैसे बचाना नहीं, बल्कि छुट्टियों को ज्यादा आरामदायक बनाना भी है। भीड़भाड़ और ट्रैफिक से दूर शांत जगह पर समय बिताने से ट्रिप का अनुभव बेहतर हो सकता है।

हालांकि किसी ऑफबीट जगह की बुकिंग से पहले वहां की कनेक्टिविटी, मौसम, होटल की उपलब्धता और स्थानीय सुविधाओं की जानकारी जरूर ले लें। इस तरह थोड़ी अलग प्लानिंग के साथ लॉन्ग वीकेंड को ज्यादा सुकून भरा बनाया जा सकता है।