पेपर लीक केस में RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत रद्द की—60 दिन पहले लीक का खुलासा

सुप्रीम कोर्ट ने बाबूलाल कटारा की अंतरिम जमानत रद्द कर दी। पेपर लीक मामले में राज्य सरकार की आपत्तियों के बाद कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया।

पेपर लीक केस में RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत रद्द की—60 दिन पहले लीक का खुलासा
( फ़ाइल फोटो ) बाबूलाल कटारा

पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्य बाबूलाल कटारा की जमानत को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने बाबूलाल कटारा को अंतरिम जमानत 9 फरवरी को ही दी थी। जिसके बाद राजस्थान सरकार के द्वारा दायर काउंटर एफिडेविट में उठाई गई आपत्तियों पर विचार करने के बाद सुप्रीम कोर्ट जमानत याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद शर्मा की बैंच ने अंतरिम जमानत रद्द करने का फैसला किया है।

राज्य सरकार का सख्त रुख, कटारा के खिलाफ 5 मामलों का हवाला

राज्य सरकार ने कोर्ट में दलील दी कि बाबूलाल कटारा के खिलाफ कई गंभीर मामले लंबित हैं, जिनमें ED का केस भी शामिल है। ऐसे में पेपरलीक जैसे संगीन मामले में अंतरिम जमानत जारी रखना जनहित और निष्पक्ष जांच के खिलाफ है। इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत रद्द कर दी।

राज्य की ओर से सीनियर वकीलों की टीम कोर्ट में उतरी

आपको बता दें कि बाबूलाल कटरा के मामले में अंतरिम जमानत रद्द करवाने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल से पैरवी करवाई गई । एएजी शिवमंगल शर्मा के अलावा अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.डी. संजय को भी अतिरिक्त महाधिवक्ता के दफ्तर में इस केस के कॉर्डिनेशन के लिए नियुक्त किया गया था। 

एग्जाम से 60 दिन पहले लीक हुआ पेपर, चार्जशीट में बड़ा खुलासा

2022 में होने वाले पेपर परीक्षा के 60 दिन पहले ही लीक हो गया था चार्ज शीट में इसका खुलासा किया गया। RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा पेपर तैयार होते ही सभी सेट की मूल कॉपी अपने सरकारी आवास पर ले गया था। जिसके बाद यही से पेपर लीक की घटना को अंजाम दिया गया।