भीलवाड़ा में शीतला अष्टमी पर निकली 'मुर्दा यात्रा', जिंदा आदमी को शव बनाकर खेला रंग-गुलाल

Bhilwara में Sheetla Ashtami के अवसर पर अनोखी ‘मुर्दा यात्रा’ निकाली गई। जिंदा व्यक्ति को मुर्दा बनाकर शवयात्रा निकालने की परंपरा में लोग ढोल-नगाड़ों और गुलाल के साथ शामिल हुए।

भीलवाड़ा में शीतला अष्टमी पर निकली 'मुर्दा यात्रा', जिंदा आदमी को शव बनाकर खेला रंग-गुलाल

राजस्थान के भीलवाड़ा में शीतला अष्टमी के अवसर पर एक अनोखी और परंपरागत ‘मुर्दा यात्रा’ निकाली गई। इस अनोखी परंपरा में एक जिंदा व्यक्ति को मुर्दा बनाकर उसकी शवयात्रा निकाली जाती है, जबकि आसपास के लोग ढोल-नगाड़ों के साथ रंग-गुलाल खेलते हुए जुलूस में शामिल होते हैं।

इस दौरान बड़ी संख्या में लोग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए और पूरे उत्साह के साथ इस अनोखी परंपरा का हिस्सा बने। इस परंपरा में एक व्यक्ति को शव की तरह तैयार किया जाता है और उसे चार लोगों के कंधों पर उठाकर पूरे इलाके में घुमाया जाता है। जुलूस के दौरान लोग गुलाल उड़ाते हैं, ढोल बजाते हैं और होली जैसा माहौल बन जाता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह परंपरा कई सालों से चली आ रही है और शीतला अष्टमी के अवसर पर इसे खास तरीके से मनाया जाता है।

मुर्दा यात्रा देखने के लिए इलाके में बड़ी संख्या में लोग जुटे। जुलूस के दौरान लोग नाचते-गाते हुए रंग-गुलाल खेलते नजर आए, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के अनुसार यह परंपरा मजाकिया अंदाज में जीवन और मृत्यु के प्रतीक के रूप में निकाली जाती है और हर साल की तरह इस साल भी इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मजूद हुए हालाकिं यहां महिलाओं का आना प्रतिबंधित है तो यहाँ पुरुषों की एक बड़ी संख्या ही देखने को मिली।