जयपुर मेट्रो फेज-2 को केंद्र की हरी झंडी, 13037 करोड़ की मिली मंजूरी
केन्द्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी के 20 दिन बाद ही MoHUA ने जारी किया स्वीकृति आदेश, रिकॉर्ड मंजूरी, 41 किलोमीटर में 36 नए स्टेशन बनेंगे
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार ने जयपुर मेट्रो फेज-2 की 13,037.66 करोड़ रुपये की परियोजना के लिए औपचारिक स्वीकृति आदेश जारी कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशन में विकसित राजस्थान की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अथक प्रयासों से केन्द्रीय मंत्रिमंडल द्वारा इस परियोजना की मंजूरी के 20 दिन बाद ही केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने यह स्वीकृति जारी कर गुलाबीनगरवासियों को सौगात दी है। इसके तहत 41 किलोमीटर लंबे इस उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक कुल 36 स्टेशन बनाए जाएंगे।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट में नए आयाम होंगे स्थापित
जयपुर के में सार्वजनिक परिवहन की जीवन रेखा जयपुर मेट्रो फेज-2 को गत 8 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी प्रदान की गई थी। यह परियोजना प्रधानमंत्री के विकसित भारत एवं विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करते हुए जयपुर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट में नए आयाम स्थापित करेगी।
जल्द मिलेंगे 12 किलोमीटर कॉरिडोर के लिए कार्यादेश :
केंद्रीय मंत्रिमंडल से फेज-2 को मंजूरी मिलने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर मेट्रो रेल परियोजना की एक उच्च स्तरीय बैठक में इसके त्वरित क्रियान्वयन के लिए RMRCL को शीघ्रता से आगे बढ़ने के निर्देश दिए थे। इसकी अनुपालना में परियोजना के प्रथम पैकेज में प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गौशाला तक के 12 किलोमीटर के कॉरिडोर के लिए कार्यादेश अतिशीघ्र जारी करने की तैयारी है। परियोजना के शेष पैकेज के लिए निविदाएं आगामी दिनों में जारी करने की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।
केन्द्र सरकार से मिलेगी 50 फीसदी हिस्सेदारी :
मेट्रो रेल नीति 2017 के अनुरूप फेज - 2 परियोजना के क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार से 50 प्रतिशत इक्विटी प्राप्त होगी, जिसके फलस्वरूप राज्य सरकार पर आने वाले वित्तीय भार में कमी आएगी। परियोजना को वर्ष 2031 तक पूर्ण करने का लक्ष्य लिया गया है। इस परियोजना का क्रियान्वयन राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RMRCL) द्वारा किया जाएगा। RMRCL में केंद्र और राज्य सरकार की 50-50 प्रतिशत की साझेदारी है।
एक नजर में परियोजना :
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
- लंबाई और मार्ग : यह 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर होगा, जो प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ (हरमाड़ा) तक फैला होगा।
- स्टेशन: इस मार्ग पर कुल 36 स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें से अधिकांश एलिवेटेड होंगे, जबकि हवाई अड्डा क्षेत्र में भूमिगत स्टेशन का प्रावधान है।
- संचालन: इसे राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित किया जाएगा, जो केंद्र और राज्य सरकार का 50-50 का संयुक्त उद्यम है।
- समय सीमा: परियोजना को सितंबर 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
Ayush Pareek 
