Jaipur JDA Expansion पर High Court की रोक: 679 गांवों में Construction Ban, Govt से मांगा जवाब
जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के क्षेत्र विस्तार पर राजस्थान हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। Jaipur में हाल ही में शामिल किए गए 679 गांवों में निर्माण गतिविधियों पर बैन लगा दिया गया है। कोर्ट ने सरकार और JDA से पूछा है कि इन गांवों को शामिल करने का आधार क्या है। याचिका में आरोप है कि बिना मास्टर प्लान, जोनल प्लान और पर्यावरणीय आकलन के क्षेत्र दोगुना कर दिया गया। कोर्ट ने प्रक्रिया को पारदर्शिता के खिलाफ बताया है। मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होगी।
जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के क्षेत्र को दोगुना करने वाले फैसले पर राजस्थान हाईकोर्ट ने ब्रेक लगा दिया है। कोर्ट ने JDA में हाल ही में शामिल किए गए 679 गांवों में सभी निर्माण गतिविधियों पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह फैसला कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।याचिका संजय जोशी ने दायर की थी, जिसमें अधिवक्ता जया मित्रा ने पक्ष रखा। याचिका में आरोप लगाया गया कि सरकार ने 1 अक्टूबर 2025 की अधिसूचना के जरिए जयपुर शहर का दायरा 3 हजार वर्ग किलोमीटर से बढ़ाकर करीब 6 हजार वर्ग किलोमीटर कर दिया, लेकिन इसके लिए कोई वैध मास्टर प्लान, जोनल डेवलपमेंट प्लान या पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) नहीं किया गया। मौजूदा मास्टर प्लान 2025 में इन गांवों को शामिल करने का कोई प्रावधान नहीं है, जबकि नया मास्टर प्लान 2047 अभी तक तैयार ही नहीं हुआ है।कोर्ट ने सरकार, JDA और संबंधित विभागों से जवाब मांगा है – “इन 679 गांवों को JDA में शामिल करने का आधार क्या है?” कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यह विस्तार बिना पारदर्शी प्रक्रिया, ग्राम पंचायतों से सलाह और विशेषज्ञों की राय के किया गया है, जो JDA एक्ट के प्रावधानों के खिलाफ है।याचिकाकर्ता का दावा है.... शुरुआत में सिर्फ 272 गांवों का प्रस्ताव था, लेकिन बाद में 100 किलोमीटर के दायरे के आधार पर इसे 679 तक बढ़ा दिया गया।याचिका में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पूर्व फैसलों का हवाला दिया गया, जिसमें मास्टर प्लान बदलाव से पहले जनसुनवाई, पर्यावरण आकलन और पारदर्शिता जरूरी बताई गई है।अगली सुनवाई 21 अप्रैल को तय की गई है
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