पेपरलीक केस में RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा को बड़ा झटका, जमानत हुई रद्द

जयपुर के चर्चित पेपरलीक मामले में RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत रद्द कर दी है। यह फैसला राज्य सरकार के काउंटर एफिडेविट में उठाए गए गंभीर बिंदुओं के आधार पर लिया गया। सरकार ने दलील दी कि आरोपी के खिलाफ कई मामले लंबित हैं और जमानत से जांच प्रभावित हो सकती है। इस फैसले के बाद कटारा की मुश्किलें बढ़ गई हैं और जांच एजेंसियों को कार्रवाई में मजबूती मिली है।

जयपुर से पेपरलीक मामले में एक बड़ा और अहम अपडेट सामने आया है, जहां राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन के सदस्य बाबूलाल कटारा को सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत रद्द कर दी गई है। इस फैसले के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है और सियासी हलचल तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार की ओर से दायर काउंटर एफिडेविट में उठाए गए गंभीर बिंदुओं पर विचार करते हुए यह सख्त फैसला लिया। गौरतलब है कि 9 फरवरी को कटारा को अंतरिम राहत मिली थी, लेकिन अब अदालत ने उसे वापस लेते हुए मामले की गंभीरता को रेखांकित किया है।
राज्य सरकार का तर्क था कि आरोपी के खिलाफ कई मामले लंबित हैं और पेपरलीक जैसे गंभीर मामले में अंतरिम जमानत जारी रखना जनहित और जांच की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद कटारा की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं, वहीं जांच एजेंसियों को भी आगे की कार्रवाई में मजबूती मिलने के संकेत मिल रहे हैं।