अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड: 40 से ज्यादा चोटों के निशान, आगजनी के पीछे क्या थी मंशा? 94 से अधिक लोगों पर FIR
अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड में पोस्टमार्टम, कथित धमकी और आगजनी के आरोपों से जुड़े अहम सवाल। जानें भरतपुर के क्रशर विवाद में जांच के सामने क्या चुनौतियां हैं।
राजस्थान के भरतपुर जिले में बयाना के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या के मामले में जांच के दौरान कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। पुलिस जांच और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों ने भड़ाना पर लाठी-डंडों से हमला किया था। पोस्टमार्टम में उनके शरीर पर 40 से अधिक चोटों के निशान मिलने की जानकारी सामने आई है। उनके हाथों और पैर में फ्रैक्चर तथा सिर पर गंभीर चोट की बात भी सामने आई है। घटना के बाद खनन साइट पर बने कार्यालय और कमरों में आग लगाए जाने का आरोप है। परिजनों का दावा है कि हमलावरों की मंशा उन्हें और वहां मौजूद कर्मचारियों को जिंदा जलाने की भी थी। हालांकि, इस मंशा की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से होनी बाकी है।
अंधेरे में हमला, कर्मचारियों को भी बनाया निशाना
घटना वैर थाना क्षेत्र के भोड़ा गांव स्थित खनन साइट की बताई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब सात बजे अतर सिंह भड़ाना खनन क्षेत्र में बने आवास के आसपास थे। इसी दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे और कथित तौर पर बिजली की लाइट बंद कर दी। इसके बाद भड़ाना पर लाठी-डंडों से हमला किया गया।
उनकी पत्नी कमलेश के अनुसार, हमलावरों ने उनके पति को घेरकर पीटा। बीच-बचाव करने पहुंचे खनन कर्मचारियों और सुरक्षा गार्ड पर भी हमला किया गया। इस घटना में सुरक्षा गार्ड गगन शर्मा सहित अन्य लोग घायल हुए। गगन शर्मा का अस्पताल में उपचार जारी होने की जानकारी दी गई है।
पोस्टमार्टम में 40 से ज्यादा चोटों की जानकारी
जयपुर में मेडिकल बोर्ड से कराए गए पोस्टमार्टम के बाद भड़ाना के शरीर पर 40 से अधिक चोटों के निशान मिलने की बात सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके दोनों हाथों और दाएं पैर में फ्रैक्चर था। सिर पर लगी गंभीर चोट को मौत का कारण बताया गया है।
शुरुआत में गोली लगने की आशंका भी जताई गई थी, लेकिन पोस्टमार्टम और एक्स-रे में इसकी पुष्टि नहीं हुई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया था और हरियाणा के पाली गांव में अंतिम संस्कार किया गया।
हमले के बाद आगजनी, जिंदा जलाने का आरोप
परिजनों के आरोपों के मुताबिक, भड़ाना पर हमला करने के बाद खनन साइट पर बने कार्यालय और कमरों में आग लगा दी गई। वहां मौजूद मशीनों में तोड़फोड़ किए जाने की बात भी सामने आई है।
परिवार का आरोप है कि हमला केवल मारपीट तक सीमित नहीं था। हालांकि, आगजनी के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था और क्या इसके जरिए लोगों को जिंदा जलाने की योजना थी, यह जांच का विषय है। पुलिस की जांच से ही इन आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।
14 दिन पहले धमकी मिलने का भी दावा
इस मामले में एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू कथित धमकी से जुड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, भड़ाना को घटना से करीब 14 दिन पहले धमकी दी गई थी कि यदि वे खनन साइट पर आए तो उन्हें मार दिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि खनन पट्टे और जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। भड़ाना खनन पट्टे में कमलेश चंद और मुकेश चंद के साथ साझेदार थे। वर्ष 2016 से 2024 के बीच जमीन विवाद को लेकर कई मुकदमे दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, पुराने विवाद और हत्या के बीच संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
94 से अधिक आरोपियों के खिलाफ FIR, CBI जांच की मांग
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मामले में 94 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ शुरू की है और आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
उधर, परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच की मांग की है। घटनास्थल पर पुलिस के पहुंचने में कथित देरी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
अब जांच के सामने ये बड़े सवाल
अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड में अब कई सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। क्या कथित धमकी और हमले के बीच सीधा संबंध था? खनन स्थल पर आग किसने लगाई? वारदात में शामिल लोगों की भूमिका क्या थी? और क्या इस घटना के पीछे जमीन या खनन पट्टे का विवाद ही प्रमुख वजह था?
इन सवालों के जवाब पुलिस जांच से सामने आने बाकी हैं। फिलहाल, गंभीर आरोपों, आगजनी और बड़ी संख्या में लोगों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के चलते यह मामला रा
जस्थान में चर्चा का विषय बना हुआ है।

