जयपुर High Court Verdict: JDA को बड़ा झटका, ₹1500 करोड़ जमीन केस में Sai Darshan Hotels के पक्ष में फैसला
जयपुर में राजस्थान हाईकोर्ट ने टोंक रोड स्थित 9000 वर्ग मीटर जमीन के करीब 1500 करोड़ रुपये के विवाद में जेडीए की अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने 2009 के फैसले को बरकरार रखते हुए ‘साई दर्शन होटल्स एंड मोटल्स’ के पक्ष में जमीन आवंटन के निर्देश दिए। अदालत ने कहा कि केवल कोर्ट में राशि जमा करना भुगतान नहीं माना जाएगा। साथ ही राज्य सरकार को अपने पुराने निर्णय लागू करने को बाध्य किया। इस फैसले को जेडीए के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने टोंक रोड पर एयरपोर्ट प्लाजा स्कीम के निकट स्थित 9000 वर्ग मीटर जमीन अनुमानित मूल्य करीब 1500 करोड़ रुपये के लंबे विवाद में जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की विशेष अपील को खारिज कर दिया है।खंडपीठ ने एकलपीठ के 6 अगस्त 2009 के फैसले को बरकरार रखते हुए जेडीए को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य सरकार के 12 मई 2003 और 19 मई 2003 के आदेशों को तुरंत लागू कर प्रार्थी कंपनी ‘साई दर्शन होटल्स एंड मोटल्स’ के पक्ष में 9000 वर्ग मीटर जमीन का आवंटन पत्र जारी किया जाए।अदालत ने माना कि याचिकाकर्ता कंपनी को 15 प्रतिशत विकसित जमीन का हकदार ठहराया जाना उचित है। राज्य सरकार अपने ही पुराने निर्णयों से मुकर नहीं सकती, खासकर जब संबंधित पक्ष ने उन पर भरोसा कर सभी मुकदमे वापस ले लिए हों और शर्तें पूरी की हों।जेडीए ने दलील दी कि आवंटन अवैध है, इससे आर्थिक नुकसान होगा और भ्रष्टाचार हुआ है, लेकिन खंडपीठ ने इन दलीलों को खारिज कर दिया। अदालत ने टिप्पणी की कि जेडीए कई वर्षों से इस जमीन का उपयोग कर रहा है, जबकि मूल मालिकों या उत्तराधिकारियों को उचित मुआवजा भी नहीं मिला। मात्र कोर्ट में राशि जमा करना भुगतान नहीं माना जा सकता।
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