Maithili Thakur का Jaipur में बड़ा बयान: Mumbai में कला की कद्र नहीं मिली, YouTube से बचाई अपनी पहचान

महिला दिवस के अवसर पर जयपुर में आयोजित कार्यक्रम में मशहूर गायिका Maithili Thakur ने अपने करियर और संघर्ष के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि मुंबई में उन्हें अपनी कला के लिए सही माहौल और सम्मान नहीं मिला, इसलिए उन्होंने यूट्यूब को मंच बनाकर अपनी गायकी को आगे बढ़ाया। मैथिली ठाकुर ने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म ने उन्हें नई पहचान दी और लाखों लोगों तक उनकी आवाज पहुंचाई। इस दौरान उन्होंने युवाओं और खासकर महिलाओं को संदेश दिया कि डर छोड़कर पहला कदम उठाएं और अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करें।

महिला दिवस के अवसर पर जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में मशहूर लोक और शास्त्रीय गायिका Maithili Thakur ने अपने संघर्ष और करियर से जुड़े अनुभव साझा किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुंबई में उन्हें वह माहौल और सम्मान नहीं मिला, जिसकी एक कलाकार को जरूरत होती है। यही वजह रही कि उन्होंने यूट्यूब जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म को चुना और अपनी कला को जिंदा रखने का रास्ता वहीं से बनाया।

मैथिली ठाकुर ने कहा कि कला का असली उद्देश्य लोगों तक पहुंचना और दिलों को छूना होता है। उन्होंने बताया कि जब वे मुंबई गईं, तो उन्हें लगा कि वहां कला से ज्यादा बाज़ार और व्यावसायिकता को महत्व दिया जाता है। ऐसे माहौल में उन्हें अपनी कला के लिए वह जगह नहीं मिली, जिसकी उन्हें उम्मीद थी। इसी कारण उन्होंने सोशल मीडिया और खासकर यूट्यूब का सहारा लिया।

उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म ने उन्हें एक नई पहचान दी। यूट्यूब के माध्यम से उन्होंने अपनी गायकी को सीधे लोगों तक पहुंचाया और देखते ही देखते लाखों लोग उनके गानों को पसंद करने लगे। आज उनकी आवाज़ देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी सुनी जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कलाकार के पास प्रतिभा और मेहनत है, तो आज के दौर में इंटरनेट और सोशल मीडिया उसके लिए बड़ा मंच बन सकता है।

कार्यक्रम के दौरान मैथिली ठाकुर ने युवाओं को भी खास संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में कुछ नया करने के लिए सबसे जरूरी है पहला कदम उठाना और बिना डर के आगे बढ़ना। उन्होंने कहा कि चाहे लड़का हो या लड़की, अगर उसके अंदर प्रतिभा है तो उसे किसी भी तरह की झिझक या डर के बिना अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए।

महिला दिवस के मौके पर उन्होंने खासतौर पर महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। अगर वे आत्मविश्वास और मेहनत के साथ आगे बढ़ें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

मैथिली ठाकुर का यह बयान न केवल उनके व्यक्तिगत अनुभव को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि आज के डिजिटल युग में कलाकारों के लिए नए अवसर कितनी तेजी से खुल रहे हैं। जयपुर में दिए गए उनके इस बयान ने युवाओं और कलाकारों के बीच एक नई चर्चा को जन्म दिया है कि प्रतिभा के लिए अब पारंपरिक मंचों पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है।