UPSC 2025 Result: सीकर की नेहा राबिया ने हासिल की ऑल इंडिया 690वीं रैंक, किसान परिवार की बेटी ने बढ़ाया मान

Neha Rabia ने Union Public Service Commission सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 690 हासिल की। Sikar के फतेहपुर क्षेत्र की नेहा किसान परिवार से आती हैं और उनकी सफलता से इलाके में खुशी का माहौल है।

UPSC 2025 Result: सीकर की नेहा राबिया ने हासिल की ऑल इंडिया 690वीं रैंक, किसान परिवार की बेटी ने बढ़ाया मान

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। इस परिणाम में राजस्थान के सीकर जिले के फतेहपुर क्षेत्र के नबीपुरा गांव की नेहा राबिया ने ऑल इंडिया 690वीं रैंक हासिल कर अपने क्षेत्र और परिवार का नाम रोशन किया है।

नेहा एक साधारण किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता महेंद्र राबिया खेती करते हैं, जबकि मां सुलोचना देवी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा नेहा की पढ़ाई में पूरा सहयोग दिया। उनकी इस उपलब्धि से गांव और आसपास के इलाके में खुशी का माहौल है।

दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस से की पढ़ाई

नेह राबिया ने अपनी शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद वर्ष 2017 से 2020 के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस कॉलेज से गणित ऑनर्स में स्नातक किया। पढ़ाई के दौरान उनकी नेतृत्व क्षमता भी सामने आई और वर्ष 2020 में वे मिरांडा हाउस कॉलेज की छात्रसंघ अध्यक्ष चुनी गईं।

स्नातक के बाद नेहा जयपुर लौटीं और राजस्थान विश्वविद्यालय से भूगोल विषय में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। वर्तमान में वे वनस्थली विद्यापीठ में पीएचडी स्कॉलर के रूप में शोध कार्य कर रही हैं।

तीन प्रयास असफल रहे, चौथे प्रयास में मिली सफलता

नेहा ने पीएचडी के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी जारी रखी। उन्होंने बताया कि शुरुआती तीन प्रयासों में वे प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर सकीं। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करती रहीं।

आखिरकार चौथे प्रयास में उन्होंने न केवल प्रीलिम्स और मेन्स परीक्षा पास की, बल्कि इंटरव्यू भी सफलतापूर्वक क्लियर कर लिया और ऑल इंडिया 690वीं रैंक हासिल की।

रोजाना 6 से 8 घंटे की पढ़ाई से हासिल किया लक्ष्य

नेहा ने बताया कि तैयारी के दौरान उन्होंने रोजाना करीब 6 से 8 घंटे पढ़ाई की। उनका मानना है कि इस कठिन परीक्षा में सफलता के लिए निरंतरता और सही रणनीति बेहद जरूरी है।

उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, शिक्षकों और दोस्तों को दिया, जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ दिया।