राजस्थान में 9वीं से 12वीं की अर्द्धवार्षिक परीक्षा का टाइम-टेबल जारी, 25 नवंबर से शुरू होंगे पेपर; पंचायत चुनाव से बदला शेड्यूल
राजस्थान में 9वीं से 12वीं की अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं अब 25 नवंबर से 7 दिसंबर तक होंगी। जानें पंचायत चुनाव के कारण बदला शेड्यूल और जरूरी निर्देश।
राजस्थान में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए राज्य स्तरीय समान परीक्षा योजना के तहत परीक्षाओं का नया कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। अब ये परीक्षाएं 25 नवंबर से 7 दिसंबर 2026 तक आयोजित की जाएंगी। पहले परीक्षाएं अक्टूबर में प्रस्तावित थीं, लेकिन पंचायत चुनावों के कारण शिक्षा विभाग को कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ा।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। नई समय-सारणी के अनुसार संबंधित विषयों की परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक होंगी। वहीं, जिन विषयों का उल्लेख जारी टाइम-टेबल में नहीं है, उनकी परीक्षा स्कूल स्तर पर कराई जाएगी।
पंचायत चुनाव के कारण बदला परीक्षा कार्यक्रम
राजस्थान में 9वीं से 12वीं तक की अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं पहले 15 से 27 अक्टूबर के बीच आयोजित होनी थीं। इसी दौरान पंचायत चुनावों की प्रक्रिया को देखते हुए परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। अब विद्यार्थियों को नवंबर के अंतिम सप्ताह से दिसंबर के पहले सप्ताह तक परीक्षाएं देनी होंगी।
अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के बाद फरवरी 2027 में वार्षिक परीक्षाएं आयोजित होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, अंतिम परीक्षा कार्यक्रम से संबंधित आधिकारिक निर्देशों के आधार पर ही तारीखों की पुष्टि की जानी चाहिए।
स्कूल स्तर पर होंगी कुछ विषयों की परीक्षाएं
जारी आदेश के अनुसार, जिन विषयों की परीक्षा राज्य स्तरीय समान परीक्षा योजना के टाइम-टेबल में शामिल नहीं है, उनकी परीक्षाएं संबंधित स्कूल अपने स्तर पर आयोजित करेंगे। इसके अलावा प्रायोगिक विषयों और स्कूल स्तर पर होने वाली परीक्षाओं को निर्धारित टाइम-टेबल में उपलब्ध खाली दिनों के दौरान कराया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य निर्धारित परीक्षा कार्यक्रम के बीच अन्य विषयों की परीक्षाओं को व्यवस्थित तरीके से पूरा करना है।
प्राइवेट स्कूलों में नहीं रखे जाएंगे प्रश्न-पत्र
परीक्षाओं के दौरान प्रश्न-पत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश के मुताबिक, निजी स्कूलों में प्रश्न-पत्र रखने की अनुमति नहीं होगी। इन स्कूलों के प्रश्न-पत्र संबंधित पीईईओ/यूसीईईओ के पास सुरक्षित रखे जाएंगे।
आवश्यकता और परिस्थितियों के अनुसार प्रश्न-पत्रों को पुलिस थाने में सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी की जा सकती है। इस संबंध में निर्णय लेने का अधिकार जिला शिक्षा अधिकारी को दिया गया है। विभाग ने परीक्षा सामग्री की सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है।
परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए बनेगी फ्लाइंग टीम
अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं को व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण भी किया जाएगा। इसके लिए संभागीय संयुक्त निदेशक, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और डाइट प्राचार्य के स्तर पर फ्लाइंग टीम गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की निगरानी जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में की जाएगी। प्रश्न-पत्र प्राप्त होने से पहले जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित कर आवश्यक व्यवस्थाओं और सुरक्षा संबंधी निर्णय लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कक्षा 1 से 8 तक की परीक्षाओं पर क्या अपडेट?
कक्षा 9वीं से 12वीं तक का परीक्षा कार्यक्रम जारी हो चुका है, लेकिन कक्षा 1 से 8 तक की अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के लिए अलग टाइम-टेबल जारी किया जाना बाकी है। इन कक्षाओं की परीक्षाएं स्कूल अपने स्तर पर आयोजित करेंगे।
पंचायत चुनावों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में परीक्षा कार्यक्रम प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए शिक्षा विभाग की ओर से अलग से निर्देश जारी किए जाएंगे। विभाग के सहायक निदेशक राजेश गोस्वामी के अनुसार, कक्षा 1 से 8 तक की परीक्षाओं का कार्यक्रम अलग से घोषित किया जाएगा।
ऐसे में विद्यार्थियों और अभिभावकों को सलाह है कि वे अपने स्कूल और शिक्षा विभाग की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक निर्देशों पर नजर रखें, ताकि परीक्षा की तारीखों को लेकर किसी तरह का भ्रम न रहे।

