जनता के सवालों के आगे रो पड़ी जलदाय विभाग की अधिकारी!”
नवलगढ़ की ढाणियां पंचायत में प्यास से तड़पती जनता का सब्र आखिर टूट ही गया। छह महीने से सूखे पड़े नलों, खाली टंकियों और झूठे आश्वासनों के बीच जब जलदाय विभाग की कनिष्ठ अभियंता अंतरा मीणा ग्रामीणों के बीच पहुंचीं, तो लोगों का गुस्सा ज्वालामुखी बनकर फूट पड़ा। सवालों की बौछार और नाराजगी के बीच अधिकारी की आंखों से आंसू बह निकले, लेकिन गांव वालों का दर्द इससे कहीं ज्यादा बड़ा था। ग्रामीणों का साफ कहना था कि उन्हें अफसरों के आंसू नहीं, घरों में पानी चाहिए। “हर घर जल” का सपना अब गांवों में मजाक बनता नजर आ रहा है, जहां करोड़ों की योजनाओं के बावजूद लोग बूंद-बूंद पानी के लिए भटक रहे हैं। कागजों में विकास की चमक दिखाई जाती है, लेकिन धरातल पर जनता आज भी प्यास से जंग लड़ रही है। सवाल ये है कि जब सिस्टम जवाब देने की जगह भावुक होकर टूटने लगे, तो फिर जनता अपनी पीड़ा किसके सामने रखे? जलदाय विभाग की सुस्त कार्यशैली, अधूरे काम और लगातार मिल रहे खोखले आश्वासन अब लोगों के गुस्से को और भड़का रहे हैं। गांव वालों का कहना है कि अगर समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो यह आक्रोश आने वाले दिनों में और बड़ा आंदोलन बन सकता है।
Saloni Kushwaha 
