जमीन पर निर्माण करना पड़ा भारी, दलित परिवार पर कुल्हाड़ी से हमला, इलाके में आक्रोश
राजस्थान के किशनगढ़ के रूपनगढ़ थाना क्षेत्र से दलित समाज के खिलाफ अत्याचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। चौगानिया बालाजी मंदिर के पास रहने वाले एक दलित परिवार पर अपनी ही जमीन पर निर्माण कार्य करने के दौरान जानलेवा हमला किया गया।e
राजस्थान के किशनगढ़ के रूपनगढ़ थाना क्षेत्र से दलित समाज के खिलाफ अत्याचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। चौगानिया बालाजी मंदिर के पास रहने वाले एक दलित परिवार पर अपनी ही जमीन पर निर्माण कार्य करने के दौरान जानलेवा हमला किया गया। आरोप है कि हमलावरों ने न सिर्फ मारपीट की, बल्कि खुलेआम जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने और दफनाने की धमकियां भी दीं। घटना के बाद से पीड़ित परिवार दहशत में है और क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।
पीड़िता घीसी देवी ने बताया कि वह अपने हिस्से की जमीन पर मकान की दीवार (डंडा) का निर्माण करवा रही थी। इसी दौरान गांव के कुछ लोग मौके पर पहुंचे और जबरन निर्माण कार्य रुकवाने लगे। जब घीसी देवी ने अपने कानूनी हक की जमीन पर काम करने की बात कही, तो विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई।
पति पर कुल्हाड़ी से किया गया हमला
पीड़िता का आरोप है कि हमलावरों ने उसे धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया और मारपीट की। महिला की चीख-पुकार सुनकर उसका पति मूलचंद मेघवाल और पुत्र मामराज बीच-बचाव के लिए पहुंचे, लेकिन आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया। मारपीट के दौरान मूलचंद मेघवाल के सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। वहीं पुत्रवधू प्रतिज्ञा को भी मारपीट में गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस घटना ने एक बार फिर राज्य में दलितों की सुरक्षा और उनके अधिकारों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

