HJU Convocation Controversy: दीक्षांत समारोह में छात्रा के विरोध का वीडियो वायरल, बढ़ा विवाद

Haridev Joshi University of Journalism and Mass Communication के दीक्षांत समारोह में छात्रा Sara Ismail के विरोध का वीडियो वायरल। Rajasthan International Centre में हुआ कार्यक्रम, व्यवस्था पर उठे सवाल।

HJU Convocation Controversy: दीक्षांत समारोह में छात्रा के विरोध का वीडियो वायरल, बढ़ा विवाद
Haridev Joshi University of Journalism and Mass Communication

राजस्थान की Haridev Joshi University of Journalism and Mass Communication (HJU) के दीक्षांत समारोह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कार्यक्रम Rajasthan International Centre में आयोजित किया गया था, जहां एक छात्रा ने मंच पर डिग्री लेते समय खुले तौर पर विरोध जताया। इस घटना के बाद शिक्षा और सियासी हलकों में बहस तेज हो गई है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों को मंच पर बुलाकर डिग्री दी गई। लेकिन केवल 12 छात्रों को ही राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री Premchand Bairwa के हाथों सम्मान मिला, जबकि बाकी 271 छात्रों को दर्शक दीर्घा में बैठाया गया।

इस व्यवस्था से नाराज छात्रों ने विरोध जताया और इसे अपने साथ भेदभाव बताया।

छात्रा की टिप्पणी से छाया सन्नाटा

बीए की छात्रा Sara Ismail जब डिग्री लेने मंच पर पहुंचीं, तो उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा—

"HJU वालों की बेइज्जती करके इज्जत देने के लिए शुक्रिया।"

उनकी इस टिप्पणी के बाद हॉल में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया। इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे विवाद और बढ़ गया।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने दी सफाई

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नंद किशोर पांडेय ने पूरे आयोजन को राजभवन के प्रोटोकॉल के अनुसार बताया। उनका कहना है कि सभी छात्रों को मंच पर बुलाकर डिग्री देना संभव नहीं होता।

साथ ही प्रशासन ने छात्रा के व्यवहार को ‘अशोभनीय’ बताते हुए इसकी निंदा की। उनका यह भी कहना है कि कार्यक्रम के अंत में सभी छात्रों के साथ ग्रुप फोटो लेकर सम्मान दिया गया।

छात्रों ने उठाए अव्यवस्थाओं के मुद्दे

दूसरी ओर, कई छात्रों ने कार्यक्रम की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। कुछ छात्रों ने नारेबाजी भी की और विरोध दर्ज कराया।

यहां तक कि कुछ छात्र राज्यपाल के काफिले के सामने भी पहुंचने की कोशिश करते नजर आए, जिन्हें पुलिस ने हटाया। छात्रों का कहना है कि उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि कार्यक्रम में हुई अव्यवस्थाओं के खिलाफ था।

मुद्दा बना चर्चा का विषय

यह पूरा मामला अब सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और शैक्षणिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है। जहां एक ओर प्रशासन प्रोटोकॉल का हवाला दे रहा है, वहीं छात्र इसे सम्मान और अधिकार से जोड़कर देख रहे हैं।