बाड़मेर में दर्दनाक हादसा: 2 दिन के नवजात समेत पति-पत्नी की मौत, मदद के बजाय वीडियो बनाते रहे लोग
बाड़मेर के रामसर में ट्रैक्टर और कार की भीषण टक्कर में पति-पत्नी और दो दिन के नवजात बेटे की मौत हो गई। हादसे में तीन लोग गंभीर घायल हुए।
राजस्थान के बाड़मेर जिले में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं। रामसर क्षेत्र के हाथमा गांव के पास ट्रैक्टर और कार की टक्कर में पति-पत्नी और उनके दो दिन के नवजात बेटे की मौत हो गई। हादसे में कार सवार तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और अंदर बैठे लोग फंस गए।
अस्पताल से घर लौट रहा था परिवार
पुलिस के अनुसार, हादसा मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ। हिंगलाजराम अपनी पत्नी तुलसी और नवजात बेटे को लेकर अस्पताल से घर लौट रहे थे। तुलसी ने दो दिन पहले जिला अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था और छुट्टी मिलने के बाद परिवार खुशी-खुशी घर जा रहा था। कार में परिवार की दो अन्य महिलाएं भी सवार थीं।
हाथमा गांव के पास सामने से आ रहे ट्रैक्टर से कार की भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग अंदर फंस गए।
कार में फंसे घायलों को दरवाजा तोड़कर निकाला
हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। प्रत्यक्षदर्शी अचलाराम के मुताबिक, कार के अंदर से मदद के लिए आवाजें आ रही थीं, लेकिन कई लोग घायलों की मदद करने के बजाय फोटो और वीडियो बना रहे थे।
अचलाराम ने बताया कि उन्होंने बांकाराम और धर्माराम के साथ मिलकर घायलों को बाहर निकालने की कोशिश की। कार का दरवाजा तोड़कर अंदर फंसे लोगों को निकाला गया। इसके बाद घायलों को निजी वाहनों और 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
पति-पत्नी और नवजात की मौत
रामसर थानाधिकारी विक्रमदान चारण के मुताबिक, हादसे में हिंगलाजराम निवासी बालेवा, उनकी पत्नी तुलसी और उनके दो दिन के बेटे की मौत हो गई। कार में सवार तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।
हादसे ने फिर उठाया इंसानियत का सवाल
सड़क हादसे के समय घायल लोगों को तत्काल मदद और अस्पताल पहुंचाना बेहद अहम होता है। ऐसे समय में वीडियो बनाने के बजाय मदद के लिए आगे आना किसी की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। बाड़मेर की यह घटना सड़क सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता की जरूरत भी याद दिलाती है।

