हिरासत में लिए गए दीपक बालियान को सुबह घर छोड़ गई पुलिस, आशुतोष रांका ने कहा- कुछ हदें पार नहीं होनी चाहिए
CJP के 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले दीपक बालियान को अलवर पुलिस ने हिरासत में लिया और सुबह घर छोड़ दिया। जानिए आशुतोष रांका और हनुमान बेनीवाल ने क्या कहा।
दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित CJP के प्रदर्शन से पहले राजस्थान के अलवर में संगठन के प्रवक्ता दीपक बालियान को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हालांकि, कुछ घंटों बाद पुलिस उन्हें वापस घर छोड़ गई। दीपक की हिरासत की खबर सामने आने के बाद संगठन के नेताओं ने नाराजगी जताई और आंदोलन की चेतावनी दी थी।
देर रात घर से ले गई पुलिस, सुबह छोड़ा
मिली जानकारी के मुताबिक, राजस्थान पुलिस शुक्रवार देर रात करीब 10 बजे अलवर स्थित दीपक बालियान के घर पहुंची और उन्हें अपने साथ ले गई। CJP के सदस्यों ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे कथित तौर पर गैर-कानूनी हिरासत बताया।
दीपक को हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिलने के बाद संगठन के सह-संस्थापक आशुतोष रांका ने समर्थकों से कठूमर पुलिस स्टेशन पहुंचने की अपील की थी। उन्होंने पुलिस से दीपक को तुरंत रिहा करने की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी भी दी।
आशुतोष रांका बोले- कुछ हदें पार नहीं होनी चाहिए
दीपक बालियान की रिहाई के बाद आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस दीपक को करीब 100 किलोमीटर तक घुमाती रही, लेकिन आखिरकार उन्हें घर वापस छोड़ना पड़ा।
रांका ने लिखा, “कुछ हदें पार नहीं की जानी चाहिए।” उन्होंने दीपक को छोड़े जाने की पुष्टि करते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
इससे पहले रांका ने आरोप लगाया था कि दीपक को शांति भंग की आशंका से जुड़ी धारा 151 के तहत हिरासत में लिया गया, जबकि वह अपने घर पर थे। हालांकि, पुलिस की ओर से इस कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक पक्ष की जानकारी सामने नहीं आई है।
हनुमान बेनीवाल ने भी जताई नाराजगी
नागौर से सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने भी दीपक बालियान को हिरासत में लिए जाने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करना नागरिकों का अधिकार है और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।
बेनीवाल ने दीपक को तत्काल रिहा करने की मांग भी की थी।
10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले बढ़ी हलचल
CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन का दावा है कि प्रदर्शन से पहले अलग-अलग राज्यों में उसके सदस्यों और स्वयंसेवकों को हिरासत में लिया जा रहा है। संगठन ने इसे लेकर आपत्ति जताई है।
प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दीपक बालियान की हिरासत और फिर रिहाई के मामले ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। अब इस मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार है।

