बिहार: बगहा में चंपारण तटबंध टूटा, आबादी में घुसा बाढ़ का पानी; 50 हजार लोगों पर खतरा
पश्चिमी चंपारण के बगहा में गंडक नदी के बढ़े जलस्तर के बीच चंपारण तटबंध टूटा। खैरटवा के पास ब्रीच के बाद खेतों में पानी फैला, प्रशासन अलर्ट है।
बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में गंडक नदी के बढ़े जलस्तर ने बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। बगहा-1 प्रखंड में सोमवार रात चंपारण तटबंध का एक हिस्सा टूट गया। खैरटवा गांव के पास तटबंध में करीब 10 से 12 मीटर का ब्रीच आने के बाद नदी का पानी तेजी से आसपास के निचले इलाकों और खेतों की ओर फैलने लगा। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और राहत कार्य तेज कर दिए हैं।
रिकॉर्ड डिस्चार्ज के बाद बढ़ा नदी का दबाव
गंडक नदी में अचानक बढ़े पानी की प्रमुख वजह नेपाल में हुई भारी बारिश बताई जा रही है। वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से करीब 5.43 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर तेजी से ऊपर गया। डाउनस्ट्रीम इलाकों में नदी खतरे के स्तर को पार कर गई और तटबंध पर पानी का दबाव बढ़ता चला गया।
इससे पहले ही बगहा और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट पर था। वाल्मीकिनगर और बगहा को जोड़ने वाले स्टेट हाईवे-64 के कुछ हिस्सों में भी पानी भरने की सूचना सामने आई थी, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ।
खेतों के बाद आबादी वाले इलाकों की ओर बढ़ा पानी
तटबंध में दरार आने के बाद पानी खेतों से होकर आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में पहुंचने लगा। खैरटवा के अलावा अगस्तिया, चखनी और चंद्रपुर जैसे निचले इलाकों में बाढ़ के पानी का असर बताया गया है। स्थानीय स्तर पर बड़ी आबादी के प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
धान और गन्ने जैसी फसलों पर भी इसका असर पड़ सकता है। खेतों में पानी भरने से किसानों को नुकसान की चिंता बढ़ गई है। वहीं, निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सुरक्षित स्थानों पर जाने की स्थिति बन गई है।
तटबंध की मरम्मत और राहत पर फोकस
तटबंध टूटने की जानकारी मिलते ही जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर सक्रिय हो गईं। प्राथमिकता पानी के फैलाव को नियंत्रित करने, तटबंध की मरम्मत और संवेदनशील इलाकों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लोगों से नदी और पानी से घिरे इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की गई है।
गंडक का बहाव घटने से थोड़ी राहत
बाढ़ की स्थिति के बीच एक राहत की बात यह है कि गंडक बैराज से पानी का डिस्चार्ज धीरे-धीरे कम होने की जानकारी सामने आई है। इससे आने वाले समय में तटबंध से निकले पानी के वापस नदी में मिलने की उम्मीद है। उपलब्ध प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक, बाढ़ का पानी आगे जाकर नदी में लौट सकता है और NH-727 पर बड़े खतरे की आशंका नहीं जताई गई है।
हालांकि, स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक प्रशासन के लिए चुनौती बनी रहेगी। नदी का जलस्तर, तटबंध की स्थिति और निचले इलाकों में पानी के फैलाव पर लगातार नजर रखी जा रही है।
नेपाल की बारिश से बिहार तक असर
गंडक नदी का मौजूदा उफान नेपाल में हुई भारी बारिश से जुड़ा है। पिछले दिनों लगातार बारिश के कारण नदी में पानी बढ़ा और वाल्मीकिनगर बैराज पर दबाव बढ़ा। बिहार के पश्चिमी चंपारण के साथ-साथ गंडक से जुड़े अन्य इलाकों में भी बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रशासन सतर्क है।
फिलहाल बगहा में सबसे बड़ी चुनौती तटबंध टूटने से निकले पानी को नियंत्रित करना और आबादी वाले क्षेत्रों को सुरक्षित रखना है। आने वाले घंटों में नदी के जलस्तर और पानी के बहाव में होने वाला बदलाव स्थिति की दिशा तय करेगा।

