राजस्थान निकाय चुनाव के बीच बारिश का अलर्ट, कल वोटिंग के दिन इन इलाकों में बदल सकता है मौसम
Rajasthan Nikay Chunav 2026: 11 सितंबर को जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर और पाली समेत 147 निकायों में दूसरे चरण की वोटिंग होगी। इसी दिन पूर्वी राजस्थान में बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है, जिससे मतदान केंद्रों तक मतदाताओं की आवाजाही पर मौसम का असर पड़ सकता है।
राजस्थान में निकाय चुनाव का दूसरा और अंतिम चरण शुक्रवार, 11 सितंबर को होने जा रहा है। जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर और पाली नगर निगम समेत 147 नगरीय निकायों में मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इसी बीच मौसम विभाग ने भी बारिश को लेकर नया अपडेट जारी किया है। ऐसे में मतदान के दिन मौसम का मिजाज भी चुनावी तैयारियों के लिए अहम हो सकता है।
11 सितंबर से पूर्वी राजस्थान में बारिश का नया दौर
मौसम विभाग के अनुसार 11 सितंबर से पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाला संभावित कम दबाव का क्षेत्र इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है। सिस्टम के आगे बढ़ने और वातावरण में नमी की स्थिति अनुकूल रहने पर बारिश का दायरा और बढ़ सकता है।
कल इन बड़े शहरों में मतदान, मौसम पर भी नजर
दूसरे चरण में जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर और पाली नगर निगम के साथ कुल 147 निकायों में मतदान होगा। इस चरण में 87.60 लाख से अधिक मतदाता 18,266 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। 45 वार्डों में प्रत्याशी पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं।
ऐसे में जिन इलाकों में बारिश की संभावना है, वहां मतदान केंद्रों पर आने-जाने वाले मतदाताओं के लिए मौसम एक अतिरिक्त चुनौती बन सकता है। हालांकि मतदान प्रक्रिया अपने निर्धारित समय के अनुसार ही चलेगी।
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम राजस्थान के मौसम को प्रभावित कर सकता है। पूर्वी राजस्थान में 11 सितंबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में भी कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश हो सकती है। कोटा और हाड़ौती क्षेत्र में 13 और 14 सितंबर को बारिश की गतिविधियां और बढ़ने का अनुमान है।
यानी एक तरफ राजस्थान में निकाय चुनाव का फाइनल मुकाबला होगा, तो दूसरी तरफ आसमान से भी बादल बरसने के आसार हैं। अब देखना होगा कि मतदान के दिन मौसम का यह बदलाव वोटिंग प्रतिशत और मतदाताओं की आवाजाही पर कितना असर डालता है।

