Ganesh Chaturthi 2026: 14 सितंबर को मनाया जाएगा गणेश जन्मोत्सव, मोतीडूंगरी मंदिर में 2 लाख से ज्यादा मोदकों की झांकी
Ganesh Chaturthi 2026: जयपुर में 14 सितंबर को गणेश जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में 2 लाख से अधिक मोदकों की झांकी, 3,500 किलो मेहंदी से सिंजारा उत्सव और जन्मोत्सव पर करीब 19 घंटे दर्शन की विशेष व्यवस्था रहेगी।
Ganesh Chaturthi 2026: प्रथम पूज्य भगवान गणेश का जन्मोत्सव 14 सितंबर को जयपुर में धूमधाम से मनाया जाएगा। इसके लिए मोतीडूंगरी, गढ़गणेश, नाहर के गणेश, परकोटा गणेशजी समेत शहर के प्रमुख गणेश मंदिरों में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
मंगलवार को भौम्य पुष्य नक्षत्र के अवसर पर मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में महंत कैलाश शर्मा के सान्निध्य में भगवान गणेश का 348 किलो पंचामृत से अभिषेक किया गया। इस दौरान भगवान को नवरत्न जड़ित स्वर्णमुकुट धारण कराया गया और केले की विशेष झांकी सजाई गई।
2 लाख से अधिक मोदकों की झांकी
बुधवार को मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में असंख्य मोदकों की विशेष झांकी सजाई गई। झांकी में 251 किलो के दो, 200 किलो के दो और 51 व 21 किलो के कई बड़े मोदक आकर्षण का केंद्र हैं।
बताया गया कि करीब 150 हलवाइयों ने 15 हजार किलो सामग्री से दो लाख से अधिक छोटे-बड़े मोदक तैयार किए हैं। श्रद्धालुओं के लिए शाम 6:30 बजे से रात 9 बजे तक मोदक प्रसाद का निःशुल्क वितरण किया जाएगा।
नाहर के गणेश मंदिर में भी विशेष आयोजन
नाहर के गणेशजी मंदिर में महंत जय शर्मा के सान्निध्य में गणपति अथर्वशीर्ष पाठ और दूर्वा मार्जन अभिषेक का आयोजन हुआ। मंदिर को रजवाड़ी कांच और गोल्डन नक्काशी से सजाया गया है।
इसके अलावा परकोटा गणेश मंदिर और गीला गायत्री मंदिर में भी विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए।
13 सितंबर को होगा सिंजारा उत्सव
गणेशोत्सव के तहत 13 सितंबर को मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में सिंजारा उत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर सोजत से लाई गई करीब 3,500 किलो मेहंदी से भगवान गणेश का सिंजारा किया जाएगा। शाम 7:30 बजे से पांच स्थानों पर श्रद्धालुओं को मेहंदी वितरित की जाएगी।
इसी दिन भगवान गणेश को ननिहाल से आई नवीन पोशाक भी पहनाई जाएगी।
14 सितंबर को करीब 19 घंटे होंगे दर्शन
14 सितंबर को गणेश जन्मोत्सव के अवसर पर मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में विशेष दर्शन व्यवस्था रहेगी। मंगला आरती से शुरू होने वाला दर्शन क्रम रात 11:40 बजे शयन आरती तक जारी रहेगा।
इस तरह जन्मोत्सव के दिन श्रद्धालुओं को करीब 19 घंटे तक भगवान गणेश के दर्शन करने का अवसर मिलेगा। गणेशोत्सव का समापन 15 सितंबर को होगा।

