‘कांग्रेस आ रही है’... नतीजों से पहले ही जूली ने बजाया जीत का बिगुल, 14 सितंबर को खुलेगा राज

Rajasthan Nikay Chunav 2026: दूसरे चरण की वोटिंग 11 सितंबर को और मतगणना 14 सितंबर को होनी है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के सोशल मीडिया पोस्ट्स में कांग्रेस की जीत का भरोसा नजर आ रहा है। वहीं बीजेपी भी अपने पक्ष में माहौल और जीत के दावे कर रही है।

‘कांग्रेस आ रही है’... नतीजों से पहले ही जूली ने बजाया जीत का बिगुल, 14 सितंबर को खुलेगा राज

राजस्थान निकाय चुनाव में अभी दूसरा चरण बाकी है, वोटों की गिनती तो 14 सितंबर को होगी... लेकिन कांग्रेस के खेमे में जीत की आहट अभी से सुनाई देने लगी है! नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के सोशल मीडिया पोस्ट्स पर नजर डालें तो ऐसा लगता है जैसे चुनावी नतीजों की तारीख 14 नहीं, कुछ पहले ही तय हो गई हो। जयपुर से लेकर दूसरे इलाकों तक कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार की तस्वीरों के साथ जूली का एक ही संदेश बार-बार सामने आ रहा है—“कांग्रेस आ रही है... जय कांग्रेस, विजयी कांग्रेस!”

नतीजे EVM में, लेकिन जूली के पोस्ट में जीत पहले से!

निकाय चुनाव का एक चरण पूरा हो चुका है और दूसरे चरण की वोटिंग 11 सितंबर को होनी है। यानी जनता का फैसला अभी बाकी है। लेकिन जूली के लगातार सोशल मीडिया पोस्ट देखकर लगता है कि कांग्रेस ने अपनी तरफ से जीत का माहौल अभी से तैयार कर लिया है।

सवाल यही है कि यह सिर्फ चुनावी जोश है या फिर जमीनी स्तर से ऐसा फीडबैक मिल रहा है, जिसने कांग्रेस को नतीजों से पहले ही उत्साहित कर दिया है?

क्योंकि चुनावी राजनीति में दावा करना आसान है... असली परीक्षा तब होती है जब ईवीएम खुलती है।

‘कांग्रेस आ रही है’—नारा या जमीनी भरोसा?

जूली जिन इलाकों में कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं, वहां की तस्वीरें और कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकातों को सोशल मीडिया पर लगातार साझा किया जा रहा है। हर पोस्ट के साथ कांग्रेस की जीत का भरोसा भी दिखाई दे रहा है।

इसे पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने की रणनीति माना जाए या फिर वोटरों के मूड का संकेत—फिलहाल इसका जवाब किसी सर्वे या सोशल मीडिया पोस्ट के पास नहीं है।

क्योंकि सोशल मीडिया पर माहौल बन सकता है... लेकिन वार्ड में वोट पड़ते हैं।

BJP भी पीछे नहीं, दोनों तरफ चल रहे ‘जीत के ट्रेलर’

मजेदार बात यह है कि कांग्रेस अकेली पार्टी नहीं है जो जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है। बीजेपी भी अपने पक्ष में माहौल और जनसमर्थन के दावे कर रही है।

यानी राजस्थान के निकाय चुनाव में फिलहाल दोनों खेमों के पास अपनी-अपनी जीत की कहानी तैयार है। सोशल मीडिया पर दोनों तरफ से ट्रेलर रिलीज हो चुके हैं... अब पूरी फिल्म 14 सितंबर को देखने को मिलेगी।

स्थानीय चुनाव, लेकिन सियासी संदेश बड़ा

निकाय चुनाव भले ही वार्ड, सड़क, सफाई, पानी, नाली और स्थानीय विकास जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द लड़े जा रहे हों, लेकिन इनके नतीजे बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लिए संगठनात्मक तौर पर अहम होंगे।

किस पार्टी की स्थानीय पकड़ मजबूत है? किसके कार्यकर्ता वोट को बूथ तक ले जा पाए? किसके प्रत्याशी जनता का भरोसा जीत पाए? इन सवालों का जवाब नारे नहीं, नतीजे देंगे।

अब ‘कांग्रेस आ रही है’ का टेस्ट 14 सितंबर को

टीकाराम जूली का लगातार “कांग्रेस आ रही है” कहना पार्टी के भीतर उत्साह पैदा करने की कोशिश भी हो सकता है और चुनावी आत्मविश्वास का प्रदर्शन भी। लेकिन अंतिम फैसला उनके पोस्ट, भाषण या दावों से नहीं होगा।

फैसला होगा वोटों की गिनती से।

फिलहाल कांग्रेस कह रही है—“जय कांग्रेस, विजयी कांग्रेस।”

बीजेपी भी अपने जीत के दावे कर रही है।

अब देखना यही है कि 14 सितंबर को **सोशल मीडिया का ट्रेलर किस पार्टी की पूरी फिल्म साबित होता है।**